Cinema Hall Reopen: खत्म हुआ चार महीने लंबा इंतजार, एक अगस्त से खुल सकते हैं सिनेमाघर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 27, 2020, 08:54 AM IST

Cinema Hall Open News: मार्च में लागू किए गए कोरोना लॉकडाउन के बाद से देश में सिनेमा हॉल बंद पड़े हैं। हालांकि, अनलॉक-3 में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सिनेमा हॉल को खोला जा सकता है।

Cinema Hall Reopen: खत्म हुआ चार महीने लंबा इंतजार, एक अगस्त से खुल सकते हैं सिनेमाघर
Photo Credit: BCCL

कोरोना वायरस महामारी से पूरा देश जूझ रहा है। कोरोना के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, जिसका असर सिनेमा जगत पर भी काफी पड़ा है। पिछले चार महीने से सिनेमाघरों पर ताला लगा हुआ है। सिनेमाघर बंद होने के कारण फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो रही हैं। अनलॉक-1 में सिनेमाघरों को खोलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। 31 जुलाई को अनलॉक-2 खत्म हो रहा है और अब एक बार फिर सिनेमा हॉल ओपन करने की सुगबुगाहट है। कहा जा रहा है कि अनलॉक-3 में सिनेमा हॉल को खोला जा सकता है।

'1 अगस्त से दोबारा खुल सकते हैं सिनेमाघर'

फिल्म समीक्षक और ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा का कहना है कि सिनेमाघर 1 अगस्त से दोबारा खोले जा सकते हैं। उन्होंने यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी है। कोमल नाहटा ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि शानदार खबर। एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक, सिनेमाघर 1 अगस्त से दोबारा खुल सकते हैं। गौरतलब है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय को सुझाव दिया है कि पूरे देश में अगस्त से सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाए। मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा कि इस बारे में गृह सचिव अजय भल्ला से बात की है और वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे।

'सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखा गया है'

खरे ने बताया कि उन्होंने सुझाव दिया है कि आने वाले 1 अगस्त से पूरे देश के सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाए, नहीं तो 31 अगस्त तक यह अनुमति दे दी जाए। खरे ने कहा कि उनके मंत्रालय की सिफारिश में दो मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग मानदंड को ध्यान में रखा गया है। हालांकि, गृह मंत्रालय की ओर से अभी भी कुछ भी कहा जाना बाकी है। खरे ने कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीं, सिनेमाघरों के मालिक इस तरीके से थिएटर खोलने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि महज 25 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ सिनेमाघरों को खोलने से अच्छा है कि उन्हें बंद ही रखा जाए।
 

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