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अखिलेश यादव की सपा को लगा एक और झटका, अब इस पूर्व मंत्री ने बदल लिया पाला; किया BJP का रुख

UP Politics: अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को एक और तगड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता और पूर्व मंत्री नारद राय ने भाजपा में जाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की और एक तस्वीर में उनके साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और ओम प्रकाश राजभर भी बैठे हुए दिखाई दिये।

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नारद राय ने बदल लिया पाला।

Photo : Twitter

Uttar Pradesh Election: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री नारद राय ने मंगलवार को 'एक्स' पर अपने 'बायो' में 'मोदी का परिवार' लिखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने का संकेत दिया साथ ही जनता से सपा के चुनाव निशान 'साइकिल' पर ताला लगाने का आह्वान किया।

पीएम मोदी के साथ आए सपा के ये दिग्गज

बलिया सदर सीट से दो बार के विधायक और राज्य सरकार में पूर्व मंत्री राय ने सोमवार देर रात 'एक्स' पर लिखा, 'दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और भारत के गृह मंत्री, राजनीति के चाणक्य अमित शाह जी के संकल्प की समाज के अंतिम पंक्ति में बसे गरीब को मजबूत करने वाली सोच और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करूंगा। जय जय श्री राम।'

अमित शाह के साथ मिले पूर्व मंत्री नारद राय

उन्होंने इस पोस्ट के साथ ही शाह से हुई मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं। एक तस्वीर में उनके साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी बैठे हुए दिखाई दिये।

राय ने 'एक्स' पर अपने नाम के आगे 'मोदी का परिवार' लिखा और एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह अपने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए कह रहे हैं, 'मैं लड़ता हूं, तो ताल ठोंक कर लड़ता हूं! मदद करता हूं, तो ताल ठोंक कर करता हूं और विरोध भी करता हूं, तो ताल ठोक कर करता हूं!'

अपने समर्थकों से नारद राय ने की बैठक

नारद राय ने सोमवार को जिले के खोरी पाकड़ गांव में अपने समर्थकों की बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने गत रविवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बलिया लोकसभा क्षेत्र से सपा के उम्मीदवार सनातन पांडेय के समर्थन में फेफना क्षेत्र में सम्पन्न हुई चुनावी सभा के दौरान अपना अपमान किये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने समर्थकों से कहा, 'आप सभी हाथ उठाइये और साइकिल में ताला लगाइये।'

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को बलिया लोकसभा क्षेत्र से सपा उम्मीदवार सनातन पांडेय के समर्थन में फेफना क्षेत्र में एक चुनावी सभा को सम्बोधित किया था। ऐसा आरोप है कि उन्होंने मंच पर नारद राय की मौजूदगी के बाद भी उनका नाम नहीं लिया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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