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Lok Sabha Chunav 2024, (Gorakhpur) UP: गोरखपुर सीट पर मंदिर का दबदबा, जानिए इस सीट का इतिहास

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 11, 2024, 04:22 PM IST

Lok Sabha Chunav 2024, Gorakhpur, UP Lok Sabha Seat: 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 19,81,197 वोटर्स थे। इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 10,85,534 और और महिला वोटरों की संख्या 8,95,487 थी।

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गोरखपुर सीट पर भाजपा और सपा के बीच मुकाबला।

Lok Sabha Chunav 2024, Gorakhpur, UP Lok Sabha Seat : उत्तर प्रदेश की हॉट सीटों में गोरखपुर भी शामिल है। गोरखपुर संसदीय सीट में 5 विधानसभा क्षेत्र-कैंपियरगंज, पिपराइच, गोरखुपर शहरी, गोरखपुर ग्रामीण और शहजनवां आते हैं। यह सामान्य सीट है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मौजूदा सांसद रवि किशन शुक्ला को टिकट दिया है जबकि समाजवादी पार्टी की तरफ से काजल निषाद उम्मीदवार हैं। इस सीट पर मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है। इस सीट से उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ साल 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में सांसद रह चुके हैं।

चुनाव आयोग के डाटा के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 19,81,197 वोटर्स थे। इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 10,85,534 और और महिला वोटरों की संख्या 8,95,487 थी। थर्ड जेंडर के 176 वोट पड़े और 3,413 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 19,03,988 थी। इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 10,55,209 और महिला वोटरों की संख्या 8,48,621 थी। अन्य कैटगरी में 158 वोट पड़े।

तीसरे स्थान पर कांग्रेस के मधुसूदन त्रिपाठी रहे

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर रवींद्र श्यामचरण शुक्ला उर्फ रवि किशन पहली बार इस सीट से चुने गए। उन्होंने 3,010,664 वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी राम भुआल निषाद को हराया। रवि किशन 7,17,122 वोट मिले और उनका वोट प्रतिशत 60.52 था। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के मधुसूदन त्रिपाठी रहे। त्रिपाठी का वोट शेयर 1.94 प्रतिशत था और उन्हें 22,972 वोट मिले। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ पांचवीं बार इस सीट से चुने गए। इस चुनाव में योगी का वोट प्रतिशत 51.80 था और उन्हें 5,39,127 वोट मिले। जबकि सपा उम्मीदवार राजमती निषाद को 2,26,344 वोट मिले।

चौथे स्थान पर कांग्रेस के अष्टभुजा रहे

निषाद को वोट प्रतिशत 21.75 प्रतिशत था। आदित्यनाथ ने सपा उम्मीदवार को 3,12,783 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी रामभुआल निषाद रहे। निषाद को 1,76,412 वोट मिले और उनका वोट प्रतिशथ 16.95 था। चौथे स्थान पर कांग्रेस के अष्टभुजा प्रसाद त्रिपाठी रहे। त्रिपाठी को 45,719 वोट मिले और उन्हें 4.39 फीसद वोट मिला।

Gorakhpur seat

Gorakhpur seat

गोरखपुर सीट के पिछले विजेता

  • योगी आदित्यनाथ (भाजपा) -2009
  • योगी आदित्यनाथ (भाजपा)-2004
  • योगी आदित्यनाथ (भाजपा)-1999
  • योगी आदित्यनाथ (भाजपा)-1998
  • महंत अवैद्यनाथ (भाजपा)-1996
  • महंत अवैद्यनाथ (भाजपा)-1991
  • महंत अवैद्यनाथ (हिंदू महासभा)-1989
  • मदन पांडे (कांग्रेस)-1984
  • हरिकेश बहादुर (कांग्रेस)-1980
  • हरिकेश बहादुर (बीएलडी)-1977

NOTA

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 7,688 वोटरों (0.65 फीसद) ने इनमें से कोई नहीं NOTA का विकल्प चुना। 2014 के चुनाव में 8,153 वोटरों ने NOTA का विकल्प चुना।

2019 में गोरखपुर में 19 मई को हुई वोटिंग

साल 2019 में गोरखपुर में 19 मई को मतदान हुआ। 2014 के लोकसभा चुनाव में 12 मई को वोट पड़े थे। 2019 के चुनाव परिणाम की घोषणा 23 मई को और 2014 का चुनाव रिजल्ट 16 मई को घोषित हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में 2,157 मतदान केंद्रों पर वोट पड़े। जबकि 2014 के चुनाव में 1,948 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई।

गोरखपुर सीट का इतिहास

गोरखपुर की राजनीति पर गोरक्षनाथ मंदिर का प्रभाव शुरू से रहा है। मंदिर के महंत जब-जब सियासत में उतरे, गोरखपुर की जनता ने हमेशा उनका साथ दिया। पहले आम चुनाव यानी 1952 में इस सीट पर कांग्रेस के सिंहासन सिंह विजयी हुए। पहले गोरखपुर दक्षिण सीट में आस पास के जिलों सहित गोरखपुर भी शामिल था। बाद में गोरखपुर सीट अलग से बनी 1957 में गोरखपुर सीट से दो सांसदों का चुनाव हुआ। सिंहासन सिंह दूसरी बार एमपी बने और दूसरी सीट से कांग्रेस के महादेव प्रसाद चुनाव जीते। गोरखपुर की राजनीति में मंदिर की एंट्री 1962 से हुई। गोरखनाथ मंदिर के मठाधीश महंत दिग्विजय नाथ हिंदू महासभा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 1967 में दिग्विजय नाथ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयी हुए। 1969 में दिग्विजय नाथ के निधन के बाद हुए उपचुनाव में महंत अवैद्यनाथ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की। इसके बाद 1971 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर नरसिंह पांडे विजयी हुए। आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में भारतीय लोकदल के हरिकेश बहादुर जीते। साल 1980 के चुनाव में अवैद्यनाथ हिंदू महासभा के टिकट पर दूसरी बार विजयी हुए। इसके बाद 1991 और 1996 में अवैद्यनाथ ने फिर से जीत दर्ज की।

Gorakhpur

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गोरखपुर में सबसे ज्यादा निषाद वोटर

गोरखपुर सीट पर सबसे ज्यादा निषाद वोटर हैं। निषाद वोटरों की संख्या करीब 4 लाख है। इसके बाद यादव और दलित वोटर क्रमश: दो-दो लाख हैं। गोरखपुर सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब डेढ़ लाख है। इस सीट पर ब्राह्मण मतदाता डेढ़ लाख और राजपूत मतदाता सवा लाख के करीब हैं। भूमिहार और वैश्य वोटरों की संख्या भी एक लाख के करीब है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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