Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा के बाद कांग्रेस ने इसकी लंबी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है। पहले लोकसभा चुनाव के बाद यह पहली बार है, जब चुनावी प्रक्रिया इतनी लंबी होने वाली है। इस बार लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया 44 दिनों में पूरी होगी जो 1951-52 के पहले ससंदीय चुनाव के बाद मतदान की सबसे लंबी अवधि होगी।
लंबी प्रक्रिया पर क्या बोले चुनाव आयुक्त
लोकसभा चुनाव के लिए 19 अप्रैल से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी जो सात चरणों में संपन्न होगी तथा मतगणना चार जून को होगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी चुनाव प्रक्रिया होगी। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रयासरत हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में मतदान की इतनी लंबी अवधि के बारे पूछे जाने पर कहा कि चुनावों की तारीखें क्षेत्रों तथा सार्वजनिक अवकाश, त्योहारों एवं परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तय की गयी है।
देश का पहला लोकसभा चुनाव
पहले चुनाव में मतदान चार महीने से अधिक समय तक चला था। देश का पहला आम चुनाव 25 अक्टूबर, 1951 से लेकर 21 फरवरी 1952 तक चला था जो समयावधि के हिसाब से सबसे लंबा चुनाव था। देश में आम चुनाव की सबसे छोटी मतदान अवधि 1980 में थी जब महज चार दिनों में मतदान पूरा हो गया था।
कांग्रेस भड़की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सात चरणों में चुनाव का मतलब है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर जगह दौरा करना चाहते हैं।’ खरगे ने कहा कि लोकसभा चुनाव तीन या चार चरणों में पूरा होना चाहिए था। खरगे ने संवाददाताओं से कहा- "हमें इस बात की चिंता नहीं है कि क्या होने वाला है, लेकिन मोदी जी सात चरण रख रहे हैं, इसका मतलब है कि वह हर जगह दौरा करना चाहते हैं। इस देश में मैंने भी लगभग 12 चुनाव लड़े हैं और मुश्किल से चार चरण होते थे। कभी-कभी यह एक चरण का भी होता था। मैंने दो चरण भी देखे हैं, लेकिन अक्सर इसके अधिकतम चार चरण होते थे।"
