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Elections 2024: ओडिशा में बनेगी BJP की सरकार... धर्मेंद्र प्रधान का दावा, 'सत्ता के बेदखल होगी BJD'

Odisha Election 2024: केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया है कि ओडिशा में सत्ता परिवर्तन होना तय है। उन्होंने कहा है कि इस बार राज्य में भाजपा को बहुमत मिलेगा। वहीं मंत्री प्रधान ने बीजेडी पर तीखा प्रहार करते हुए पूछा है कि बीजद का प्रधानमंत्री उम्मीदवार कौन है।

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धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री।

Photo : ANI

Election News: जहां देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हुई पड़ी है, वहीं ओडिशा में विधानसभा चुनाव को लेकर उठापटक का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता ये दावा कर रहे हैं कि इस बार राज्य में उनकी सरकार बननी तय है और नवीन पटनायक और बीजेडी का सत्ता से बेदखल होना निश्चित है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा दावा किया है।

ओडिशा में सत्ता परिवर्तन होना तय- धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय मंत्री और संबलपुर लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि "...ओडिशा में सत्ता परिवर्तन होगा, इस बार बीजेपी को बहुमत मिलेगा और पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।" प्रधान ने दावा किया कि उन्होंने (बीजद) ने ओडिशा के लोगों को धोखा दिया है।

बालासोर लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा है कि "जनता का समर्थन अकल्पनीय है और हमारा उत्साह भी बढ़ गया है। ओडिशा के लोगों ने इस बार अपना मन बदल लिया है। इस बार ओडिशा में बीजेपी की सरकार बनेगी।"

बीजद का प्रधानमंत्री उम्मीदवार कौन है?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को जनता से सवाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए बीजू जनता दल (बीजद) का संभावित उम्मीदवार कौन है? जिससे राजनीति चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। प्रधान ने दिन के समय अपनी सभी सात रैलियों में जनता से यही सवाल किया।

संबलपुर लोकसभा सीट के लिए 25 मई को मतदान संपन्न हो जाने के बाद प्रधान ने सोमवार को बदशाही, नीलगिरि, सिमुलिया, बाड़ी, धामनगर और बालासोर में सभाओं को संबोधित किया। इन सभी जगहों पर एक जून को मतदान होना है। उन्होंने सभाओं में जनता से कहा कि भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने से निश्चित रूप से मोदी प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करेंगे। इसके विपरीत, उन्होंने लोगों को आगाह किया कि बीजद उम्मीदवारों के लिए मतदान करने से प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई आश्वासन नहीं है।

उन्होंने कहा, 'इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुनने के लिए कमल के निशान का समर्थन करें और भारत को समृद्धि की ओर ले जाएं।' सत्तारूढ़ बीजद द्वारा भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। ऐसे में प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री पद के लिए बीजद के उम्मीदवार के संबंध में पूछे जा रहे सवाल इसी की प्रतिक्रिया में प्रतीत होते हैं।

(इनपुट- एजेंसी)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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