इलेक्शन

Amethi Lok Sabha Chunav Parinam 2024 Live: स्मृति के लिए शुभ नहीं रहा 'गृह प्रवेश', राहुल गांधी के सिपाहसलार से बड़ी हार के करीब

Amethi Lok Sabha Chunav 2024 Parinam, Smriti Irani vs kl sharma who will win in Amethi: अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी और कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के बीच मुकाबला है। इस सीट पर काउंटिंग जारी है। रुझानों में स्मृति ईरानी 1 लाख से ज्यादा वोट से पीछे चल रही हैं।

Image

अमेठी लोकसभा चुनाव रिज

Photo : Times Now Digital

Amethi Lok Sabha Chunav 2024 Parinam, Smriti Irani vs kl sharma who will win in Amethi: अमेठी लोकसभा सीट उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश की हॉटशीटों में शुमार है। लोकसभा चुनाव के परिणामों के साथ मतदाताओं की नजरें इस लोकसभा सीट पर भी टिकी हुई हैं। इस सीट पर हुए मतों की गणना सुबह 8 बजे से जारी है। रुझानों में स्मृति ईरानी पिछड़ती नजर आ रही हैं और कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा आगे चल रहे हैं।

अभी तक की मतगणना के अनुसार, स्मृति ईरानी कांग्रेस के किशोरी लाल से 119568 वोटों से पीछे चल रही हैं। अब तक कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा को 408212 वोट मिले हैं तो वहीं, स्मृति ईरानी को 2886441 वोट मिले हैं। तीसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी बने हुए हैं।

25 साल में पहली बार गैर गांधी परिवार का प्रत्याशी

अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी और कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के बीच मुकाबला है। यह सीट राहुल गांधी की पारंपरिक सीट रही है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी हरा दिया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि अमेठी में एक बार फिर से स्मृति ईरानी बनाम राहुल गांधी मुकाबला देखा जा सकता है, लेकिन गांधी परिवार ने इस सीट से दूरी बना ली। अमेठी के 25 सालों के इतिहास में यह पहली बार है, जब यहां से गैर गांधी परिवार के प्रत्याशी को मैदान में उतारा गया है।

एग्जिट पोल में कड़ा मुकाबला

अमेठी लोकसभा सीट के एग्जिट पोल में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला दिखाया गया था। कई सर्वे में यह भी दावा किया जा रहा है था कि कांग्रेस के उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा इस सीट पर जीत हासिल कर सकते हैं। एग्जिट पोल के नतीजे कितने सही होते दिखते रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस कितने वोटों से यह सीट जीतती है, यह मतगणना के बाद साफ हो ही जाएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article