Subrat Pathak : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव कन्नौज सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वह गुरुवार को इस सीट से नामांकन दाखिल करेंगे। सपा ने पहले इस सीट से मुलायम सिंह यादव परिवार के तेज प्रताप यादव को टिकट दिया था लेकिन अब सपा अध्यक्ष इस सीट से ताल ठोकने जा रहे हैं। अखिलेश की उम्मीदवारी पर फैसला हो जाने के बाद कन्नौज सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुब्रत पाठक ने प्रतिक्रिया दी।
'तब मुकाबला भारत बनाम जापान होता'
पाठक ने कहा कि 'लोकतंत्र में चुनाव सबसे बड़ा त्योहार होता है। जब चुनाव होते हैं तो दिलचस्प होने चाहिए। जब अखिलेश यादव ने तेज प्रताप को यहां भेजा तो उन्हें समझ में आ गया। अगर मुकाबला तेज प्रताप से होता तो भारत बनाम जापान होता लेकिन अब क्रिकेट मैच भारत बनाम पाकिस्तान जैसा होगा। हम पाकिस्तान की प्रवृत्ति की तुलना अखिलेश से कर रहे हैं। उस प्रकार की प्रवृत्ति को अखिलेश यूपी में बढ़ावा दे रहे हैं। वह एक माफिया के घर शोक प्रकट करने जाते हैं और राम चरितमानस जलाने वालों का समर्थन करते हैं।'
सुब्रत पाठक पागल हैं-रामगोपाल यादव
भाजपा सांसद के इस बयान पर सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'पाठक पागल हैं और उन्हें पागलखाने भेजा जाना चाहिए।'
बसपा से इमरान जफर
इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की तरफ से इमरान बिन जफर चुनाव मैदान में हैं। कन्नौज लोकसभा सीट के लिए चौथे चरण में 13 मई को वोट डाले जाने हैं। अखिलेश यादव के कन्नौज से चुनाव लड़ने की घोषणा के कन्नौज का सियासी पारा बढ़ गया है। कन्नौज सीट से अखिलेश के चुनाव लड़ने की चर्चा काफी पहले से हो रही थी लेकिन तेज प्रताप यादव के नाम की घोषणा होने के बाद इस सीट पर कयासबाजी बंद हो गई थी।
मैनपुरी से सांसद रहे तेज प्रताप
वर्ष 2014 से 2019 तक मैनपुरी से सांसद रहे तेज प्रताप राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भतीजे हैं। अखिलेश यादव 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने गये थे। उसके बाद वह 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गयी थीं।
