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जामा मस्जिद नहीं! यह है भारत की सबसे बड़ी मस्जिद, जहां एक साथ नमाज पढ़ते हैं 1.75 लाख लोग

Which is the Largest Mosque in India: अक्सर लोग दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद को भारत की सबसे बड़ी मस्जिद मानते लेते हैं, लेकिन सच कुछ और ही है। देश की सबसे बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद नहीं बल्कि कोई और है। आइए आपको देश और एशिया के सबसे बड़ी मस्जिद के बारे में बताएं और जानें इसके निर्माण, इतिहास और विशेषताओं के बारे में रोचक तथ्य।

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भारत की सबसे बड़ी मस्जिद

Which is the Largest Mosque in India: देश का सबसे बड़ा मस्जिद कौन-सा है? जब भी यह सवाल पूछा जाता है, तो हर किसी के मन में सबसे पहले जामा मस्जिद का नाम आता है। क्योंकि शुरू से आज तक हम सभी जामा मस्जिद के आकार उसकी विशेषताओं और प्रसिद्धि के बारे में सुनते आए हैं। लेकिन जामा मस्जिद देश की सबसे बड़ी मस्जिद नहीं है। जी हां... आपने सही पढ़ा। ये हैरान कर देने वाली बात है कि आज तक कई लोगों को नहीं पता है कि देश का सबसे बड़ा मस्जिद जामा मस्जिद नहीं है। तो आइए अब आपको इस दुविधा को दूर करें और भारत के सबसे बड़ी मस्जिद के बारे में बताएं, जहां एक साथ एक लाख से अधिक नजामी नमाज अदा कर सकते हैं।

भारत का सबसे बड़ा मस्जिद कौन-सा है?

देश का सबसे बड़ा मस्जिद का नाम ताज-उल-मस्जिद है। इसका नाम ही इसकी भव्यता को दर्शाता है। जैसा की हमने बताया कि यह मस्जिद इतना विशाल है कि यहां एक साथ 1 लाख से अधिक नमाजी नमाज पढ़ सकते हैं। भारत ही नहीं ताज-उल-मस्जिद एशिया का सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाती है।

भारत का सबसे बड़ा मस्जिद कहां है?

देश का सबसे बड़ा मस्जिद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रॉयल मार्केट के पास स्थित है। यह मस्जिद भव्य होने के साथ ही मुगल शैली से बना हुआ है और इसकी खूबसूरती देखने वाली है।

Largest Mosque in India

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद

'ताज-उल-मस्जिद' का अर्थ क्या है?

मस्जिद के बारे में और विस्तार से जानने से पहले आइए ताज-उल-मस्जिद का शाब्दिक अर्थ जान लें। सरकारी वेबसाइट के अनुसार, ताज-उल-मस्जिद नाम का अर्थ है 'मस्जिदों के बीच ताज'।

ताज-उल-मस्जिद का निर्माण कब हुआ था?

ताज-उल-मस्जिद का निर्माण भोपाल के शासिक रही नवाब शाहजहां बेगम द्वारा 1868 के आसपास शुरू कराया गया था। लेकिन फिर बीच में उनकी मृत्यु के बाद मस्जिद का निर्माण कार्य रुक गया और यह अधूरा रह गया। फिर मोहम्मद इमरान नदवी और मौलाना सैयद हशमत अली ने मस्जिद के निर्माण कार्य शुरू करवाया और उसके बाद 1971 में यह पूरा हुआ।

Indian Largest Masjid

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद

कितने नमाजी पढ़ सकते हैं एक साथ नमाज

यह मस्जिद बहुत बड़ा है। इसका आंगन इतना बड़ा है कि यहां 1,75,000 नमाजी एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं। बता दे कि मस्जिद का निर्माण मुगल शैली में से किया गया है। बता दें कि यहां दो बड़ी-बड़ी मीनारें है और उसके ऊपर बना गुंबद संगमरमर से बना हुआ है। ताज-उल-मस्जिद में 11 मेहराब हैं, जिसमें सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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