NEET UG Result 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG का री-एग्जाम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी और उसके बाद 21 जून को यह परीक्षा दोबारा आयोजित की गई। सरकार ने सिर्फ 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में री-एग्जाम कराकर नया रिकॉर्ड बनाया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने इस महापरीक्षा में हिस्सा लिया। अब छात्रों को NEET UG री-एग्जाम के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है।
कब जारी होगी रिजल्ट
21 जून को हुए री-नीट एग्जाम में 20 लाख छात्र शामिल हुए। इन छात्रों की नजरें अब रिजल्ट पर टिकी हैं। रिजल्ट को लेकर NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बड़ा अपडेट दिया है। अभिषेक सिंह के अनुसार फिलहाल सभी परीक्षा केंद्रों से आंसर कॉपीज और रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज का भी विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। इसके बाद रिजल्ट को लेकर जानकारी छात्रों के साथ साझा की जाएगी।
भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और देश के बाहर 14 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चले इस एग्जाम में दिव्यांग उम्मीदवारों को एक घंटा पांच मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। C-17 परिवहन विमान और Mi-17 हेलीकॉप्टर के जरिए नीट के पेपर पहुंचाए गए। परीक्षा केंद्रों पर CAPF, CRPF, CISF और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहों को रोकने के लिए Telegram को भी अस्थाई रूप से बैन किया गया। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। NEET री-एग्जाम के लिए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत बनाई थी। देश के इतिहास में पहली बार कोई परीक्षा इतने व्यापक इंतजामों के साथ आयोजित की गई।
नीट यूजी की महापरीक्षा
आंकड़ों पर नजर डालें तो देशभर में 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई। कुल 1 लाख 38 हजार 560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की निगरानी NTA और शिक्षा मंत्रालय के अलावा राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम और जिला स्तर से भी की गई। सबसे खास बात यह रही कि NTA ने विशेष जरूरत वाले उम्मीदवारों के लिए भी अलग इंतजाम किए। 10 हजार से ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को सहायता उपलब्ध कराई गई। इस विशाल परीक्षा के आयोजन में करीब 7 लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, ऑब्जर्वर्स और परीक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था में CAPF, राज्य पुलिस, गृह मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, डाक विभाग के अलावा कई सरकारी एजेंसियों ने सहयोग किया।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर 51 हजार 311 जैमर लगाए गए ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या संचार माध्यम का इस्तेमाल न किया जा सके। उम्मीदवारों की पहचान के लिए आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल भी किया गया। परीक्षा केंद्रों पर दो चरणों में तलाशी ली गई और कई राज्यों में ड्रोन से भी निगरानी की गई।
रिजल्ट को लेकर अपडेट जल्द
बता दें कि अभी तक रिजल्ट की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन NTA का कहना है कि रिजल्ट जल्द से जल्द जारी करने की तैयारी है। फिलहाल इतना तय है कि इस बार देश ने NEET की सबसे सुरक्षित, सबसे निगरानी वाली और सबसे बड़े पैमाने पर आयोजित परीक्षा देखी है। अब सभी की निगाहें रिजल्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
