NEET UG 2026 Paper Leak: जिन आंखों में डॉक्टर बनने का सपना पल रहा था, अब उन आंखों में भविष्य की चिंता नजर आ रही है। थ्री लेयर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल, परीक्षा केंद्रों पर जिला मजिस्ट्रेट की तैनाती, डमी स्टूडेंट्स की धर पकड़ के लिए मॉक ड्रिल और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, डिजिटल नकल रोकने के लिए जैमर की व्यवस्था, एग्जाम सेंटर्स की लाइव मॉनीटरिंग के लिए IA कैमरे, हर पेपर पर यूनिक वाटर मार्क, यहां तक कि अभ्यर्थियों को ज्यूलरी और पर्स तक लाने की मनाही थी..., इतनी टाइट फुल प्रूफ व्यवस्था के बाद भी NEET UG 2026 का पेपर लीक हो गया और 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों का सपना अधर में लटक गया। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर सवालों की एक लंबी लिस्ट है। पेपर लीक कैसे हुआ, लाखों छात्रों के भविष्य से खेलने का गुनहगार कौन है, शिक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्री ने इस पूरे मामले पर क्या कहा है और निराशा से जूझ रहे छात्र अब आगे क्या करेंगे?
नीट यूजी परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भारत सरकार से सलाह लेने के बाद इसे रद्द कर दिया है। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए दी जाने वाली यह प्रवेश परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 देशों में आयोजित की गई थी। पेन पेपर मोड में हुई इस परीक्षा में तकरीबन 22 लाख 80 हजार छात्र शामिल हुए थे। शुक्रवार सुबह NTA ने नीट यूजी परीक्षा की नई डेट जारी कर दी है। 21 जून को अब यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। सवाल वही हैं, चुनौतियां कम नहीं हैं।
नीट यूजी का पेपर आखिर कैसे लीक हुआ?
राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में कई छात्रों के पास एक गेस पेपर मिला था, जिसमें से करीब 135 प्रश्न हूबहू नीट परीक्षा में आए। इसके अलावा केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल सेम थे यानी इसी गेस पेपर से थे। कहा तो यह भी जा रहा है कि कथित गेस पेपर 30 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक में बेचा भी गया। यह गेस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के छात्र ने सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। इसके बाद गेस पेपर एक PG संचालक को मिला और Telegram के साथ साथ Whatsapp ग्रुप में वायरल कर दिया गया। इसके अलावा देहरादून में भी इसी तरह का सेम पेपर मिला। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के नासिक में लीक हुए पेपर का पहला सेट बना था और हरियाणा में उसी पेपर के 10 सेट तैयार किए गए थे। हरियाणा से पेपर जयपुर पहुंचा और जयपुर से जमवा रामगढ़ पहुंचा। इसके बाद यहां से सीकर और फिर देश के अन्य राज्यों तक यह पेपर वायरल हो गया।
NEET Paper Leak कैसे हुआ
निराशा से जूझ रहे छात्र अब आगे क्या करेंगे?
पहले पेपर हुआ, फिर उसके लीक होने की खबर आई, पेपर रद्द किया जाता है और नई डेट घोषित कर दी जाती है। इस पूरे प्रकरण से भले ही जिम्मेदारों को कोई फर्क पड़ता हो या नहीं, लेकिन छात्रों और उनके पैरेंट्स के लिए यह किसी Trauma से कम नहीं है। पेपर लीक कांड की जांच अब CBI कर रही है। पूरे मामले पर पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय भी नजर बनाए हुए है। NTA का कहना है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का फैसला किया गया है। दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी और न ही कोई अतिरिक्त एक्जाम फीस ली जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव नहीं किया जाएगा। निराशा से जूझ रहे छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। परीक्षा रद्द होने और दोबारा एग्जाम होने का असर पूरे मेडिकल एडमिशन शेड्यूल पर पड़ सकता है।
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में दाखिला मिलता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में जब कोई बात उठती है तो राजनीति होने स्वाभाविक है। नीट प्रकरण में विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा को लेकर सरकार पर हमला किया है। वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि नीट प्रवेश परीक्षा का रद्द होना दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर कई शहरों में छात्र सडकों पर उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने इस पूरे मामले पर क्या कहा है?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 13 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद 15 मई को पहली बार मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि अगले साल से नीट यूजी परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होगी। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक पर हमारी जोरी टॉलरेंस की नीति है। हम छात्रों के भविष्य के साथ खड़े हैं, लीक का पता चलते ही छात्रों के हित में परीक्षा रद्द की और जांच बैठाई,शिक्षा माफियाओं, एंटी सोशल एलिमेंट से लड़ाई है, CBI तह तक जाएगी। बालकृष्ण कमेटी का पूरा पालन किया गया था, फिर वही करेंगे और इस बार परीक्षा एकदम सही होगी। माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी, घटना से बेहद दुखी और चिंतित हूं, हमने छात्रों के हित में कठोर निर्णय लिया। अनेक सुझाव आए, कुछ सुधार लागू किए,जो परीक्षा हुई है उसके पैसे वापस करेंगे, आगे वाली परीक्षा फ्री होगी। विद्यार्थी जिस शहर में परीक्षा देना चाहें दें, इसका अवसर देंगे, इस बार का एडमिट कार्ड 14 जून तक पहुंच जाएगा , परीक्षा का समय 15 मिनट बढ़ेगा।
क्या पहली बार NTA सवालों के घेरे में हैं?
आपको जानकर हैरानी होगी कि यह पहला मामला नहीं है जब परीक्षा कराने वाली एजेंसी सवालों के घेरे में है। नीट यूजी का पेपर पिछले तीन साल में दूसरी बार लीक हुआ है। इससे पहले साल 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था। जिसके बाद बिहार समेत कई राज्यों में पेपर लीक नेटवर्क की सीबीआई जांच हुई और कई गिरफ्तारियां भी हुई थी। हालांकि दोबारा एग्जाम नहीं कराया गया था। साल 2024 में एनटीए की ओर से आयोजित की जाने वाली यूजीसी नेट परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था और एक दिन बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसी तरह CUET यूजी 2024 में भी बड़े स्तर पर तकनीकी गड़बड़ियां को लेकर भी सवाल उठे थे। एक तरफ एनटीए दावा करती है कि पेपर GPS-ट्रैकिंग वाले वाहनों से भेजे जाते हैं, Strong rooms में रखे जाते हैं तो फिर पेपर लीक जैसी घटनाएं कैसे जाती हैं, यह सवाल बहुत बडा है। उम्मीद करते हैं CBI जांच में इन पहलुओं की भी जांच की जाएगी और जिम्मेदारों को कटघरे में खडा किया जाएगा। इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों को दोबारा मेहनत करनी होगी और परीक्षा में बैठना होगा।
NTA को समझना जरूरी
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त, स्वतंत्र और आत्मनिर्भर परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था है। इसकी स्थापना नवंबर 2017 में हुई थी। यह नीट-यूजी, जेईई-मेन्स और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की कई प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है। इसकी स्थापना सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत की गई थी। इस एजेंसी में चेयरपर्सन, महानिदेशक होते हैं। इसके अलावा कई संस्थानों के निदेशक और कुछ यूनिवर्सिटीज के कुलपति भी एनटीए की गवर्निंग बॉडी में आते हैं।
