IIT CSE Seats 2026: जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद, अब सफल उम्मीदवारों का पूरा ध्यान ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) की काउंसलिंग प्रक्रिया पर है। इस बीच, देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिला चाहने वाले छात्रों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है। यह खबर खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है, जो आईआईटी से कंप्यूटर साइंस करना चाहते हैं।
IIT CSE Seats 2026
आईआईटी की सबसे लोकप्रिय और हाई-डिमांड मानी जाने वाली 'कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग' (CSE) ब्रांच की सीटों में इस साल बढ़ोतरी की गई है। क्योंकि हर साल इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को देखते हुए आईआईटी में CSE कोर्स की सीटों में वृद्धि करने का फैसला लिया गया है।
इस साल जोड़ी गईं 54 नई सीटें
जोसा (JoSAA 2026) द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट सीट मैट्रिक्स के अनुसार, देश के सभी 23 आईआईटी संस्थानों को मिलाकर कंप्यूटर साइंस की कुल सीटें बढ़कर अब 2,183 हो गई हैं। बीते साल सीटों की तुलना की जाए जो जोसा 2025 में कंप्यूटर साइंस की कुल सीटें 2,129 थी। यानी इस साल कुल 54 सीटें बढ़ाई गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी बहुत अधिक नहीं है, लेकिन इस प्रीमियम ब्रांच में एक सीट बढ़ने से कई छात्रों के लिए करियर के बेहतरीन अवसर खुल जाते हैं।
किस आईआईटी (IIT) में हैं कितनी है सीएसई की सीटें?
जोसा 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सीटों के मामले में आईआईटी बॉम्बे सबसे आगे है। आइए इसके साथ ही जानें कि किस IIT में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की कितनी सीटें है?
| क्र.सं. | IIT संस्थान का नाम | सीटों की संख्या |
| 1 | IIT भुवनेश्वर | 84 |
| 2 | IIT बॉम्बे | 199 |
| 3 | IIT मंडी | 90 |
| 4 | IIT दिल्ली | 99 |
| 5 | IIT इंदौर | 82 |
| 6 | IIT खड़गपुर | 140 |
| 7 | IIT हैदराबाद | 70 |
| 8 | IIT जोधपुर | 90 |
| 9 | IIT कानपुर | 129 |
| 10 | IIT मद्रास | 87 |
| 11 | IIT गांधीनगर | 60 |
| 12 | IIT पटना | 86 |
| 13 | IIT रुड़की | 109 |
| 14 | IIT धनबाद | 145 |
| 15 | IIT रोपड़ | 120 |
| 16 | IIT वाराणसी | 155 |
| 17 | IIT गुवाहाटी | 114 |
| 18 | IIT भिलाई | 61 |
| 19 | IIT गोवा | 45 |
| 20 | IIT पलक्कड़ | 50 |
| 21 | IIT तिरुपति | 53 |
| 22 | IIT जम्मू | 50 |
| 23 | IIT धारवाड़ | 65 |
वर्ष 2025 के मुकाबले कहां हुआ सबसे ज्यादा बदलाव?
सीट मैट्रिक्स का एनालिसिस करने पर पता चलता है कि कुछ चुनिंदा आईआईटी में सीटों की संख्या साफ तौर पर बढ़ी है, इसें आईआईटी पलक्कड़ और आईआईटी जम्मू में वृद्धि देखे को मिली है। यहां पिछले साल सीएसई में 40-40 सीटें थी अब बढ़कर 50-50 सीटें हो गई है। इसके साथ ही आईआईटी धनबाद में 139 सीटें थी, जो अब 145 हो गई है। आईआईटी बॉम्बे में केवल एक सीट बढ़ी है। पिछले साल यहां 198 सीटें थी और अब 199 सीटें है।
आखिर कंप्यूटर साइंस क्यों है सबसे ज्यादा मांग?
इंजीनियरिंग की सबसे अधिक कमाई वाली ब्रांच की बात करें तो यह कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स है। यह इंजीनियरिंग का पारंपरिक कोर्स है, जिसकी डिमांड समय के साथ कम नहीं हुई है बल्कि बढ़ी है। इस कोर्स में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे विषयों की जानकारी दी जाती है। इस क्षेत्र में प्लेसमेंट के अच्छे अवसर है और सैलरी पैकेज भी अन्य कोर्स की तुलना में अधिक है।
टॉप रैंकर्स की पहली पसंद सीएसई
यही वजह है कि जेईई एडवांस्ड परीक्षा के जो भी टॉप रैंकर्स होते हैं, उनकी पहली पसंद सीएसई (CSE) ही होती है। इसकी मांग इतनी ज्यादा है कि जोसा काउंसलिंग के शुरुआती दौर में ही ये सभी सीटें फुल हो जाती हैं और इसकी कटऑफ अन्य ब्रांचों की तुलना में सबसे ज्यादा ऊंची रहती है। सीटों में हुई इस मामूली बढ़ोतरी से उन छात्रों को निश्चित रूप से फायदा मिल सकता है, जो बहुत ही कम रैंक के अंतर से अपनी पसंदीदा सीट से चूक जाते थे।
