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PM यशस्वी से लेकर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन तक, 7 योजनाएं जिनसे छात्रों के सपनों को लगे पंख!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त कर लिया है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर जानते हैं छात्रों के हित में शुरू की गई 7 प्रमुख योजनाओं के बारे में जिन्होंने छात्रों के सपनों को पंख दिए हैं।

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इन योजनाओं ने छात्रों की राह बनाई आसान
Authored by: Kuldeep Raghav
Updated Jun 10, 2026, 11:30 IST
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7 Schemes that Boost Education Sector Under the PM Modi leadership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून को लगातार 4399 दिन प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड बना चुके हैं। 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान शिक्षा और छात्र कल्याण के क्षेत्र में कई ऐसी योजनाएं शुरू की गईं, जिन्होंने लाखों विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना, प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाना और कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को सहारा देना भी रहा है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर जानते हैं छात्रों के हित में शुरू की गई 7 प्रमुख योजनाओं के बारे में जिन्होंने छात्रों के सपनों को पंख दिए हैं।

1. पीएम यशस्वी योजना (PM YASASVI)

पीएम यशस्वी योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के मेधावी छात्रों के लिए शुरू की गई। इसके तहत OBC, EBC और DNT वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह योजना हजारों प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर शिक्षा संस्थानों तक पहुंचाने में मददगार बनी है। इस योजना के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों को प्रति वर्ष अधिकतम ₹75,000 की सहायता (ट्यूशन और हॉस्टल फीस सहित) दी जाती है। कोर्स के आधार पर ₹2 लाख से लेकर ₹3,72,000 तक की स्कॉलरशिप भी मिलती है। तकनीकी कोर्स करने वाले छात्रों को ₹45,000 तक लैपटॉप के लिए और हर महीने ₹3000 तक रहने का खर्च मिलता है। पात्रता के लिए छात्र OBC, EBC या DNT श्रेणी का होना चाहिए। आवेदक के माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रमुख लाभ

  • कक्षा 9 के छात्रों को सालाना 75,000 रुपये तक सहायता
  • कक्षा 11 के छात्रों को 1.25 लाख रुपये तक छात्रवृत्ति
  • आर्थिक कारणों से पढ़ाई न छूटे, यह सुनिश्चित करना

2. पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना

कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या अभिभावकों को खो दिया, उनके लिए यह योजना शुरू की गई। इस योजना ने हजारों अनाथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम किया। बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर उसे एकमुश्त 10 लाख रुपये का पीएम केयर्स फंड दिया जाता है। 18 वर्ष की आयु के बाद से उच्च शिक्षा और खर्चे के लिए बच्चों को मासिक वजीफा (स्टाइपेंड) दिया जाता है।

प्रमुख लाभ

  • 18 वर्ष की आयु तक मासिक आर्थिक सहायता
  • उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहयोग
  • स्वास्थ्य बीमा की सुविधा
  • 23 वर्ष की आयु पर एकमुश्त आर्थिक सहायता

3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)

नई शिक्षा नीति को स्वतंत्र भारत के शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा सुधार माना जाता है। इस नीति का उद्देश्य छात्रों को रटने वाली शिक्षा से निकालकर व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा देना है। इसके तहत 10+2 के पुराने ढांचे को खत्म करके नया 5+3+3+4 का पाठ्यक्रम ढांचा लागू किया गया।

प्रमुख बदलाव

  • 5+3+3+4 शिक्षा संरचना
  • मातृभाषा में शिक्षा पर जोर
  • स्किल आधारित शिक्षा
  • मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम
  • बोर्ड परीक्षाओं को ज्यादा व्यावहारिक बनाना
छात्रों के लिए मोदी सरकार की योजनाएं

छात्रों के लिए मोदी सरकार की योजनाएं

4. SWAYAM और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत छात्रों के लिए SWAYAM, DIKSHA और PM eVIDYA जैसे प्लेटफॉर्म शुरू किए गए। कोरोना काल में इन प्लेटफॉर्म्स ने लाखों छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। SWAYAM (Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds) भारत सरकार द्वारा 2017 में लॉन्च किया गया था और इसे विशेष रूप से कक्षा 9वीं से लेकर स्नातकोत्तर (PG) तक के छात्रों और पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी कोर्स शिक्षार्थियों के लिए बिल्कुल मुफ्त हैं। यहां इसमें IITs, IIMs, UGC, NCERT और IGNOU जैसे देश के शीर्ष संस्थानों के संकाय सदस्यों द्वारा कोर्स तैयार किए जाते हैं। इंजीनियरिंग, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, प्रबंधन, भाषा और वाणिज्य सहित 18,000 से अधिक कोर्स संचालित किए जाते हैं।

प्रमुख लाभ

  • मुफ्त ऑनलाइन कोर्स
  • देश के शीर्ष शिक्षकों से पढ़ाई
  • ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल शिक्षा की पहुंच
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता

5. राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP)

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल भारत सरकार द्वारा छात्रों को सरकारी छात्रवृत्ति के आवेदन, प्रसंस्करण, सत्यापन और मंजूरी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल है। पहले विभिन्न छात्रवृत्तियों के लिए अलग-अलग आवेदन करने पड़ते थे। NSP ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया। इससे करोड़ों छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ लेने में सुविधा मिली।

प्रमुख लाभ

  • एक ही पोर्टल पर सभी छात्रवृत्तियां
  • ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग
  • सीधे बैंक खाते में राशि
  • पारदर्शिता और समय की बचत

6. प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF)

प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य देश के शीर्ष संस्थानों (IITs, IISc, IISERs) में डायरेक्ट पीएचडी में प्रवेश पाने वाले मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट आर्थिक सहायता और अनुसंधान अनुदान प्रदान करना है। देश में उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की गई। इस योजना ने भारत में रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान दिया है।

प्रमुख लाभ

  • IIT, IISc और शीर्ष संस्थानों के शोधार्थियों को सहायता
  • आकर्षक फेलोशिप राशि
  • विश्वस्तरीय रिसर्च को प्रोत्साहन
  • युवाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान की ओर प्रेरित करना

7. अटल टिंकरिंग लैब्स

स्कूल स्तर पर नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन मिशन के तहत अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गईं। आज देश के हजारों स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स संचालित हो रही हैं। अटल टिंकरिंग लैबभारत सरकार के नीति आयोग के तहत 'अटल इनोवेशन मिशन' (AIM) द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, और नवाचार (Innovation) की संस्कृति विकसित करना है।

प्रमुख लाभ

  • रोबोटिक्स, AI और 3D प्रिंटिंग की सुविधा
  • छात्रों में इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा
  • विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि विकसित करना

विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले

जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब शिक्षा और युवाओं पर किया गया यह निवेश देश की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है। चाहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति देना हो, महामारी में अनाथ हुए बच्चों को सहारा देना हो, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना हो या रिसर्च और नवाचार को प्रोत्साहित करना हो- इन पहलों ने छात्रों की राह को पहले की तुलना में अधिक सुगम बनाया है। पिछले 12 वर्षों में शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़ी इन योजनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

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