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Modi Govt Report Card: जन धन से आयुष्मान तक... 12 साल में कितना बदला भारत? आंकड़ों में पूरी तस्वीर

2014 से 2026: पीएम मोदी के 12 साल के इस कार्यकाल में कितनी बदली देश की तस्वीर? आइए जानते हैं मोदी सरकार के 12 साल के रिपोर्ट कार्ड की पूरी तस्वीर।

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मोदी सरकार के 12 साल
Authored by: Alok Kumar
Updated Jun 8, 2026, 12:11 IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस अवसर पर #12YearsOfGaribKalyan हैशटैग के साथ उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि बीते 12 वर्षों में हुए बड़े बदलावों के केंद्र में हमेशा गरीबों और वंचितों का कल्याण रहा है। 'अंत्योदय' से प्रेरित होकर सरकार ने जन धन खातों, पीएम आवास, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के जरिए उन लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाया है, जो दशकों से पीछे छूट गए थे।

पीएम मोदी ने का मनना है कि इस परिवर्तन में टेक्नोलॉजी ने गेम-चेंजर की भूमिका निभाई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कारण मदद सीधे और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों का काम खत्म हो गया है और सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। बड़ा सवाल यह है कि कल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर पिछले 12 वर्षों में भारत की तस्वीर कितनी बदली है? आइए समझते हैं।

पहली बार 2014 में बने थे पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई, 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। सत्ता में आने के लिए उन्होंने 'अच्छे दिन' का वादा किया था, जो आगे चलकर 2020 में 'आत्मनिर्भर' बनाने के बड़े नारे और संकल्प में बदल गया। 2014 से शुरू हुआ मोदी सरकार का यह सफर अब साल 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है। इन 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वकांक्षी योजनाएं भी शुरू की। उनपर एक नजर डालते हैं'

जन धन ने गरीबों को बैंकिंग से जोड़ा

साल 2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने भारत के बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर परिवार को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था। वर्तमान में जन धन खातों का आंकड़ा 51 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जिनमें से 55% से अधिक खाते महिलाओं के हैं। जन खाते ने गरीबों की जिंदगी बदलने में अहम भूमिका निभाई है। वित्तीय समावेशन की दिशा में भारत की यह उपलब्धि पूरी दुनिया के लिए रोल मॉडल है।

गरीबों को मुफ्त इलाज और स्वच्छ भारत मिशन

मोदी सरकार ने गरीबों को बड़ी राहत देने के लिए 'आयुष्मान भारत योजना' शुरू की थी। यह योजना जन धन के तरह ही काफी सफल रही है। इस योजना ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्ज के जाल में फंसने से बचा लिया है, क्योंकि इसके तहत हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। स्वच्छ भारत मिशन का असर अब दिखाई दे रहा है। स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस मिशन के तहत देश भर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। आज रेलवे स्टेशन से लेकर अस्पताल तक स्वच्छ भारत मिशन का असर साफ दिखाई देता है।

मोदी सरकार

मोदी सरकार

पक्के मकान और नल जल से बदला भारत

मोदी सरकार की अहम योजनाओं में गरीबों के लिए पक्क घर काफी सफल रहा है। शहर से लेकर गांवों तक लाखों परिवारों को उनके सपने का घर इस योजना से दिया गया है। जिन लोगों ने कभी सोचा नहीं था कि उनका खुद का घर होगा, उन्हें इस योजना से पक्का घर मिला है। वहीं नल जल योजना से साफ पानी पीने के लिए उपब्ध हो पाया है।

आंतरिक सुरक्षा और डिफेंस सेक्टर हुआ मजबूत

मोदी सरकार के पिछले 12 साल के कार्यकाल में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा काफी मजबूत हुई है। पिछले 12 वर्षों में देश की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में व्यापक सुधार देखा गया है, विशेषकर पूर्वोत्तर (North East) और सीमावर्ती क्षेत्रों में। इसके अलावा देश की सीमाएं भी अब पहले से ज्यादा सुरक्षित हुई है। डिफेंस सेक्टर में भारत आयात से निर्यातक बन गया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने स्वेदेशी हथियारों के दम पर पाकिस्तान को दिन में तारे दिखा दिए।

स्पेस इकोनॉमी और स्टार्टअप्स का नया इकोसिस्टम

गवर्नेंस रिफॉर्म्स और आर्थिक नीतियों ने भारत को एक 'आकांक्षी राष्ट्र' में बदल दिया है, जहां सिफारिश की जगह मेरिट और इनोवेशन को जगह मिल रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षे. में भी भारत ने बड़ा बदलाव किया है। इससे विदेशी निवेशकों का रुझान भारत में बढ़ा है।

मोदी सरकार की उपलब्धियां

मोदी सरकार की उपलब्धियां

चुनौतियां अभी बरकरार

मोदी सरकार के पिछले 12 साल के कार्यकाल में देश में कई बदलाव देखें हैं लेकिन कई अहम चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। सरकार के सामाने सभी बड़ी चुनौती युवा आबादी को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसमें सरकार अभी तक सफल नहीं हो पाई है। पढ़े लिखे युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने की जरूरत है। सरकारी कॉलेज और स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं होने से प्राइवेट स्कूल का बोलबाला बढ़ गया है। यह आम लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ा रहा है। ईरान संकट के कारण भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके कारण आयात महंगा हो रहा है और लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है। आम लोगों को राहत देने के लिए महंगाई को काबू करने की जरूरत है।

देश में गरीब और अमीर के बीच खाई तेजी से चौड़ी हो रही है। इस खाई को पाटना होगा। किसानों की आय बढ़ाने की जरूरत है। इस दिशा में मोदी सरकार को काम करना होगा। अभी भी देश के किसान संकट में है। कुल मिलकार पिछले 12 साल में बड़े बदलाव हुए हैं, जिससे लोगों की जिंदगी बेहतर हुई है लेकिन अभी भी चुनौतियां कम नहीं है।

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