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GK: पीएम मोदी बने नंबर-1! पंडित नेहरू का 64 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, छात्र जरूर जान लें उनके कार्यकाल की ये बड़ी बातें

PM Narendra Modi Becomes India's Longest Serving Prime Minister: भारत की राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया है।

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12 साल 15 दिन... मोदी ने रचा नया राजनीतिक इतिहास (फोटो AI)
Authored by: Kuldeep Raghav
Updated Jun 10, 2026, 11:01 IST
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Longest Serving Prime Minister GK: भारत की राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया है। 26 मई 2014 को पहली बार नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 12 साल 15 दिन का लगातार कार्यकाल पूरा कर यह असाधारण उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में लगातार लंबे समय तक देश की बागडोर संभाली।

सबसे लंबी सरकार चलाने वाले तीन प्रधानमंत्री

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले प्रधानमंत्रियों की बात करें तो पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी का नाम आता है। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहले आम चुनाव के बाद लगातार 4398 दिनों तक देश की सत्ता की बागडोर संभाली थी। जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून को 4399 दिन पूरे कर पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, इस ऐतिहासिक सूची में तीसरे नंबर पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नाम आता है, जिन्होंने लगातार 3656 दिनों तक देश का नेतृत्व किया था।

दरअसल, 15 अगस्त 1947 को देश के आजाद होने के बाद जवाहर लाल नेहरू को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। वे 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक कुल 1732 दिन पीएम रहे। इसके बाद 1952 में देश में पहला आम चुनाव हुआ और कांग्रेस सत्ता में आई। संसदीय दल ने पंडित नेहरू को अपना नेता चुना। इसके बाद वह 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे।

सबसे लंबी सरकार चलाने वाले तीन प्रधानमंत्री

सबसे लंबी सरकार चलाने वाले तीन प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी 2014 में बने प्रधानमंत्री

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी की बात करें तो उन्होंने साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाकर केंद्र की सत्ता में वापसी कराई थी। इसके बाद 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार जीत हासिल की। लगातार तीन आम चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर जनादेश प्राप्त करने वाले वे स्वतंत्र भारत के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में मोदी भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं। उनकी लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उनकी पहचान मजबूत हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण

प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण

पीएम मोदी के नाम दर्ज रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में 2024 का लोकसभा चुनाव दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव माना गया, जिसमें लगभग 97 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। यह अपने आप में लोकतंत्र के इतिहास का सबसे बड़ा चुनावी अभ्यास था।

जी 20 की मेजबानी

भारत ने 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन को दुनिया के सबसे सफल वैश्विक आयोजनों में गिना गया। सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता दिलाने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धि हासिल की।

पीएम मोदी की उपलब्धियां

पीएम मोदी की उपलब्धियां

चंद्रयान 3 की सफलता

2023 में चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला दुनिया का पहला मिशन बना। इससे भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र की अग्रणी शक्तियों में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ।

तीन तलाक और धारा 370

पीएम मोदी के कार्यकाल में 31 जुलाई 2019 को तीन तलाक कानून को अपराध की श्रेणी में लाया गया। वहीं 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया गया। उनके कार्यकाल में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल किया। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

UPI बना सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI के विस्तार के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम बना। आज दुनिया भर के कई देश भारतीय डिजिटल भुगतान मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक संचालित किया। करोड़ों लोगों को रिकॉर्ड समय में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई।

विदेश नीति की चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत की विदेश नीति भी चर्चा का विषय रही। अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों और अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों में उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिला। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली हुई है। मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर साल 2014 से अब तक 100 विदेश यात्राएं की हैं। इनमें द्विपक्षीय दौरे और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बैठकें शामिल हैं। मोदी सबसे ज्यादा 8 बार अमेरिका, यूएई और जापान जा चुके हैं।

31 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

आज मोदी दुनिया के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा है। यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में देखे जाते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 से लेकर अब तक उन्हें 30 से अधिक विदेशी राजकीय और सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।

स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज घटनाएं

उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर राम मंदिर के निर्माण और ऑपरेशन सिंदूर तक, ये वो ऐतिहासिक घटनाएं हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं।

नेहरू के एक रिकॉर्ड से अब भी दूर मोदी

मोदी जब 2014 में प्रधानमंत्री बने तब भाजपा और NDA की 8 राज्यों में सरकार थी और अब 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में NDA की सरकार हैं। एक आंकड़े के मुताबिक वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्यों की संख्या 14 करोड़ से ज्यादा है। हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित रहने के मामले में पंडित नेहरू के 64 साल पुराने कीर्तिमान को तोड़ चुके हैं, लेकिन नेहरू का एक और बड़ा रिकॉर्ड अभी भी काफी दूर है। पंडित जवाहरलाल नेहरू का साल 1947 से लेकर 1964 में उनके निधन तक का कुल कार्यकाल 6131 दिन का है।

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