Delhi Mukhyamantri Khel Protsahan Yojana: दिल्ली में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना (MMCPY) के तहत 123 खिलाड़ियों को कुल 9.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की मंजूरी दी गई है। इसमें 89 एलीट एथलीट और 34 स्कूल स्तर के एथलीट शामिल हैं। पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मंजूर की गई राशि का 60 प्रतिशत यानी कुल 5.85 करोड़ रुपये पहले चरण में लाभार्थियों के वेरिफाइड बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाकी 3.90 करोड़ रुपये का भुगतान इस्तेमाल के सर्टिफ़िकेट और सहायक वाउचर के वेरिफिकेशन के बाद किया जाएगा। विज्ञप्ति के अनुसार, दूसरी किस्त का भुगतान खर्च से जुड़े दस्तावेजों के वेरिफिकेशन पर निर्भर करेगा। बता दें इस योजना का मकसद राष्ट्रीय राजधानी में एलीट और ग्रासरूट (शुरुआती) दोनों स्तरों पर खेल प्रतिभाओं को सहायता देना है।
20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता
इस योजना के तहत, एलीट खिलाड़ी विशेष कोचिंग, आधुनिक खेल उपकरण, न्यूट्रिशन और ट्रेनिंग से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने स्थापित और उभरते हुए खेलों में एथलीटों को अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना के तहत शामिल खेलों की श्रेणी का भी विस्तार किया है। एलीट स्तर पर वुशु, रोलर स्केटिंग, कबड्डी, हैंडबॉल और बास्केटबॉल को जोड़ा गया है। स्कूल स्तर पर, विस्तारित सूची में वुशु, मल्लखंब, योगासन और रोलर स्केटिंग शामिल हैं।
दिल्ली के खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि खेल और शारीरिक शिक्षा युवाओं के विकास के लिए जरूरी हैं और वित्तीय बाधाओं के कारण महत्वाकांक्षी एथलीटों को अपने लक्ष्यों को पाने से नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद स्कूल-स्तर की प्रतिभाओं और एलीट खिलाड़ियों दोनों के लिए सहायता को मजबूत करना है ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।
उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक खेल विधाओं को शामिल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से युवा एथलीटों को अपनी क्षमताओं को विकसित करने और बड़े प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
स्कूल एथलीटों और एलीट खिलाड़ियों के लिए
MMKPY सहायता को स्कूल एथलीटों और एलीट खिलाड़ियों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। जहां स्कूल-लेवल पर मदद का मकसद एजुकेशनल संस्थानों के जरिए उभरती प्रतिभाओं को निखारना है। वहीं बेहतरीन एथलीटों के लिए मदद का मकसद एडवांस्ड कॉम्पिटिटिव ट्रेनिंग की जरूरतों को पूरा करना है।
इनपुट - ANI
