CBSE: राहुल गांधी ने COEMPT कंपनी पर क्यों उठाए सवाल? विनीत जिंदल ने बोर्ड को भेजा लीगल नोटिस

सीबीएसई 12वीं की ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर चल रहे विवाद को लेकर राहुल गांधी और सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT के गठन की मांग उठने लगी है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं परीक्षा के नतीजों और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सियासी और कानूनी संकट में बदल गया है। परीक्षा मूल्यांकन में सामने आई गंभीर लापरवाहियों और कॉपियों की अदला-बदली के दावों के बाद, विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने बोर्ड और सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस मामले में अब स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT के गठन की मांग उठने लगी है।

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CBSE (Photo- AI)

'यह गलती नहीं, सोचा-समझा षड़यंत्र है' राहुल गांधी का बड़ा हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पोस्ट साझा करते हुए सीबीएसई के नतीजों में "भयंकर हेर-फेर" का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण देश के लाखों छात्र और उनके माता-पिता गहरे सदमे और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे संकट पर सरकार की ओर से कोई जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है और न ही कोई जवाब दिया जा रहा है।

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