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पिता किसान और बेटी बनी SDM, गांव से निकलकर BPSC में गाड़ दिया झंडा

BPSC Rimjhim Kumari Motivational Inspirational story: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में किसान की बेटी रिमझिम ने SDM पद हासिल कर इतिहास रच दिया है।

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रिमझिम कुमारी

BPSC Rimjhim Kumari Motivational Inspirational story: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में किसान की बेटी रिमझिम ने SDM पद हासिल कर इतिहास रच दिया है।बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के पैना गांव की रहने वाली रिमझिम कुमारी के पिता मनोट प्रसाद साह खेती-बाड़ी करते हैं। किसान परिवार से आने वाली रिमझिम का सफर कई चुनौतियों से भरा रहा है।

रिमझिम कुमारी ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई भागलपुर से की। इसके बाद घर के आसपास आगे की पढ़ाई के बहुत कम ऑप्शन थे। इसलिए उन्हें परिवार और घर से दूर पटना आना पड़ा। साल 2019 में पटना आकर आगे की पढ़ाई की। रिमझिम तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने बताया कि जब पिता ने उन्हें किसी तरह पढ़ने के लिए बाहर भेजा तो गांव के लोगों ने ताने दिये कि लड़की की पढ़ाई में इतने पैसे क्यों बर्बाद कर रहे हो।

बता दें कि बीपीएससी टीआरई-1 में प्राइमरी टीचर बनने के बाद भी सरकारी नौकरी की तैयारी नहीं छोड़ी। रिमझिम बताती हैं कि वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के करीब पहुंचीं लेकिन जब असफल हुईं तो निराशा होने की बजाय हिम्मत से काम लिया। रिमझिम ने तय कर लिया था कि एसडीएम बनने है। उन्होंने नोट्स बनाए, करंट अफेयर्स और NCERT की बुक्स पर फोकस किया और 162वीं रैंक हासिल कर मुकाम पा लिया।

बीपीएससी रिजल्ट में रिमझिम का नाम

बीपीएससी रिजल्ट में रिमझिम का नाम

इन परीक्षाओं में हुईं शामिल

ग्रुप डी मेरिट लिस्ट में चयन नहीं हुआ। बिहार SI परीक्षा में स्कोर कट-ऑफ से ज्यादा था, लेकिन फिजिकल में रह गईं। बीपीएससी ऑडिटर की फाइनल मेरिट लिस्ट में चूकीं। बीपीएससी शिक्षक भर्ती (TRE-1): परीक्षा पास करके प्राइमरी टीचर बनीं। सचिवालय में वित्त विभाग के अंतर्गत ऑडिटर पद पर चयन हुआ। इसके बाद BPSC 70वीं परीक्षा में सफलता।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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