NEET PG Counselling 2021: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया नीट काउंसलिंग का रास्ता-OBC, EWS आरक्षण इस सत्र में बरकरार

NEET PG Counselling 2021 EWS, OBC Quota Supreme Court Verdict: नीट पीजी काउंसलिंग 2021 अब जल्द ही शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए आज NEET PG काउंसलिंग को फिर से शुरू करने की अनुमति दी। इस सत्र के लिए ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण के वर्तमान मानदंड को बरकरार रखा गया है।

NEET PG Counseling 2021 Supreme Court verdict
नीट पीजी काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला  |  तस्वीर साभार: PTI
मुख्य बातें
  • नीट पीजी काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया अपना फैसला
  • इस शैक्षणिक सत्र के लिए मौजूदा OBC और EWS आरक्षण रहेगा बरकरार
  • पांडे समिति की सिफारिशों पर आगामी याचिकाओं में होगी सुनवाई।

NEET PG Counselling 2021-22: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, NEET PG काउंसलिंग 2021 को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल गई है और यह प्रक्रिया अब जल्द ही शुरू होगी। शीर्ष अदालत द्वारा जारी एक अंतरिम आदेश में, ओबीसी के लिए 27% आरक्षण और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 10% आरक्षण के मौजूदा मानदंड को इस शैक्षणिक वर्ष के लिए बरकरार रखा गया है। 8 लाख का वर्तमान मानदंड भी इस वर्ष के लिए लागू होगा।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने अंतरिम आदेश की आवश्यकता का हवाला देते हुए कहा कि स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण संवैधानिक रूप से मान्य थे।

सिफारिशों को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, 'हम अगले साल से मानदंड लागू करने के लिए पांडे समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हैं। पांडे कमेटी द्वारा मानदंड की वैधता संभावित रूप से भविष्य की याचिका के फैसलों के अधीन होगी।'

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार नीट-पीजी के लिए शिक्षण सत्र 2021-22 में ईडब्ल्यूएस मानदंड पूर्व की अधिसूचना के अनुसार ही होंगे और आगे के लिए इस पर निर्णय लिया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने ईडब्ल्यूएस के लिए आठ लाख रुपये की आय संबंधी मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पांच मार्च को अंतरिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध भी किया है।

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पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश में ईडब्ल्यूएस कोटे की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं और कोटा के पक्ष में केंद्र के तर्क को चुनौती देने वाली याचिका को लेक गुरुवार को एक दिन की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति है, जहां राष्ट्रीय हित में, काउंसलिंग शुरू होनी चाहिए, जो रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध की एक प्रमुख मांग भी थी। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और ए.एस. बोपन्ना ने यह बात कही।

केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस संबंध में तर्क दिया कि मौजूदा मानदंडों के अनुसार ईडब्ल्यूएस कोटा के लिए पात्र सभी उम्मीदवारों को अपने पंजीकरण प्रमाण पत्र दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटा को समायोजित करने के लिए सभी सरकारी कॉलेजों में सीटों में वृद्धि हुई है।

केंद्र सरकार की ओर से ईडब्ल्यूएस मानदंड पर फिर से विचार करने को लेकर गठित तीन सदस्यीय पैनल रिपोर्ट को स्वीकार भी कर लिया है।

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