Republic Day 2022 Speech: जोश भरने वाले ये भाषण जीत लेंगे हर भारतवासी का दिल, ये रही गणतंत्र दिवस की स्पीच

Republic Day Speech in Hindi 2022, Gantantra Diwas Speech, Bhashan, essay: देश आज 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस द‍िन तमाम सभाओं में भाषण द‍िया जाता है। यहां पढ़ें इस मौके पर भाषण देने के कुछ आइड‍ियाज।

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Republic Day Speech 2022: गणतंत्र दिवस के स्पीच, भाषण 
मुख्य बातें
  • गणतंत्र द‍िवस के मौके पर स्‍कूल-कॉलेज आद‍ि में भाषण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन क‍िया जाता है
  • इसके लिए पहले से तैयारी की जाती है और कई अच्‍छे व‍िषयों की तलाश भी रहती है
  • 26 जनवरी , 2022 को भारत 73वां गणतंत्र दिवस मनाएगा

Republic Day Speech in Hindi 2022, Gantantra Diwas Speech, Bhashan, essay :  गणतंत्र द‍िवस के मौके पर देश में आयोजन हो रहे हैं। इस खास अवसर पर स्‍कूल-कॉलेज आद‍ि में भाषण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन क‍िया जाता है। अगर आप भी 2022 में भारत के 73वें गणतंत्र द‍िवस पर भाषण देने के लिए अच्‍छा व‍िषय तलाश रहे हैं तो आपको यहां कुछ सुझाव दिया जा रहा है।

इनकी मदद से आप एक अच्‍छा भाषण तैयार कर सकते हैं जिसके जरिए आप लोगों का दिल जीत सकते हैं। गणतंत्र दिवस भारत आजादी दिवस यानी 15 अगस्त के बाद इतिहास का स्वर्णिम दिन में शुमार होता है जब हमारा संविधान लागू हुआ था। 

Republic Day 2022 Hindi Speech: इन भाषण और कविताओं के जरिए करें गणतंत्र दिवस की तैयारी, खूब बजेंगी तालियां

 गणतंत्र दिवस पर भाषण

1. हम सभी आज अपने देश का 73वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को बहुत और गर्व के साथ मनाया जाता है। आज ही के दिन 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था। हम सभी जानते हैं कि भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी, लेकिन राष्ट्र का अपना कोई संविधान नहीं था। कई चर्चाओं और विचारों के बाद, डॉक्टर बीआर अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक समिति ने भारतीय संविधान का एक मसौदा प्रस्तुत किया, जिसे 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को आधिकारिक रूप से इसे लागू किया गया।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है। एक लोकतांत्रिक देश में रहने वाले नागरिकों को देश का नेतृत्व करने के लिए अपने नेता का चुनाव करने का विशेषाधिकार प्राप्त है। हालांकि अब तक बहुत सुधार हुआ है, फिर भी राष्ट्र अपराध, गरीबी, बेरोजगारी आदि जैसी कुछ समस्याओं का सामना कर रहा है। एक चीज जो हम सभी कर सकते हैं वह है एक दूसरे से वादा करना कि हम खुद का एक बेहतर संस्करण बनेंगे।ताकि हम इन सभी समस्याओं को हल करने और अपने देश को एक बेहतर जगह बनाने में योगदान दे सकते हैं ।

हम सभी को यह वचन लेना चाहिए कि हम एक देशभक्त बनकर अपने देश की उन्नति के लिए काम करें तथा देश पर किसी भी प्रकार की आपदा आने पर हम अपने देश की ढाल बनकर खड़े रहे। गणतंत्र दिवस के इस पावन मौके पर मैं यहां पर उपस्थित सभी लोगों से यहीं आग्रह करता हूं कि वह एक अच्छे भारतीय बने और देश की तरक्की के लिए काम करें ताकि आने वाले समय में हमारा देश दुनिया के अन्य देशों को सही राह दिखाएं और विश्वगुरु बनकर भारत का सितारा फिर से बुलंदियों पर चमके।

जय हिंद, जय भारत।।

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Gantantra Diwas Speech

2. दोस्तों...साथियों...गणतंत्र दिवस को एक विशेष पर्व के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य है, यह भारतीय संविधान का एक स्थापना दिवस है। गणतंत्र दिवस का काफी रोचक इतिहास है। प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन विशेष प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह भारतीय नागरिकों के जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, जो सभी को संविधान होने का महत्व समझाता है। भारत देश को एक लोकतान्त्रिक और गणतंत्र राष्ट्र के रूप में जाना जाता है भारत में जनता के मत अनुसार ही एक शासक को चुना जाता है। जिसके फलस्वरूप चुने गए शासक को सत्ता की कुर्सी पर बिठाया जाता है। अगर जनता चाहे तो वह सत्ता पे बिठाये नागरिक को उस पद से हटा भी सकते है इसी के आधार पर गणतांत्रिक देश में जनता का फैसला तर्कशील होता है।

भारत के उन सभी वीर जवानों के बलिदान से आज देशवासी स्वतंत्र रूप से जी रहें है। भारतीय संविधान स्थापित होने से सभी नागरिक अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग बिना किसी भय के कर सकता है। भारतीय समाज में अलग-अलग प्रांतों और जाति समुदायों से संबंधित सभी नागरिक निवास करते हैं। भारत एक ऐसी भूमि है जो अनेकता में एकता का एक महान दृष्टांत है। गणतंत्र दिवस को प्रत्येक भारतीय नागरिक के द्वारा बड़े उत्साह के साथ त्यौहार के रूप में मनाया जाता है ,स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के समारोह और अन्य प्रकार की गतिविधियों में भाग लेकर मनाया जाता है। परेड में सेना द्वारा दिखाए जाने वाले हथियार और उपकरण हमारे आर्म फोर्स की शक्ति को भी गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में दर्शाया जाता हैं। जिससे हमें अहसास होता है कि हमारा देश कितना ताकतवर है। यह पल ऐसा होता है जिससे हमारा सीना गर्व से फूल जाता है।

बलिदानों का सपना जब सच हुआ
देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करें उन वीरों को ,
जिनकी शहादत से भारत गणतंत्र हुआ।।

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3. 26 जनवरी का दिन हमारे देश के बहुत खास है। क्योंकि, इस दिन हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। गणतन्त्र का अर्थ है, जनता के द्वारा जनता के लिए शासन। इसी दिन भारत एक गणतंत्र देश बन गया था। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ी मेहनत और संघर्ष करके भारत को पूर्ण स्वराज दिलाया। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है, उसका नतीजा है कि आज हम अपने देश आराम से रह रहें हैं। हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, ' हमने एक ही संविधान और संघ में हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को पाया है। जो देश में रह रहे सभी पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है'। हालांकि, यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लगातार जूझ और लड़ रहे हैं।

अब समय आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है। जैसे कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने अंग्रेजों को हमारे देश से निकाल दिया था।हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें अपने भारत देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को अच्छी तरह समझना होगा और इनका हल निकालना होगा।

आओ करे प्रतिज्ञा हम सब इस पावन गणतन्त्र दिवस पर,
हम सब बापू के आदर्शों को अपनाएगें, नया समाज बनाएंगे,
भारत मां के वीर सपूतों के बलिदानों को हम व्यर्थ न जानें देंगे,
जाति ,धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर नया समाज बनाएंगे।

जय हिन्द, वन्दे मातरम।।

4. हमारा देश 15 अगस्त, 1947 को आजाद हुआ था। लेकिन, संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। इसमें भारत को गणतांत्रिक व्यवस्था वाला देश बनाने की राह तैयार की गई। लिहाजा, हर साल 26 जनवरी को भारत के गणतांत्रिक राष्ट्र बनने के उपलक्ष्य में इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय गणतंत्र के समक्ष बहुत सी चुनौतियां मुंह फैलाए आज भी हमारे सामने खड़ी हैं।

देश में आजादी के बाद से ही भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं, स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आज भी देश की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अधिकांश नेता, मंत्री, सरकारी अफसर, कर्मचारी जिनके पास जिम्मेदारियां हैं, वे ईमानदारी से उनका निर्वाह नहीं कर रहे हैं। लोग गलत तरीके से पैसे कमाने को लालायित है। राजनीति के क्षेत्र में अपराधियों और भ्रष्ट लोगों का जमावड़ा है। अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं से न देश और समाज का कभी भला हुआ है और न ही होगा।

इतना ही नहीं बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, आतंकवाद, नक्सलवाद, राजनीति का अपराधीकरण, निर्माण क्षेत्र की अनदेखी, किसानों को फसलों का उचित मूल्य न मिलना ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं, जो हमारे आस-पास नजर आ रही है। समस्याओं का समाधान करने की दिशा में शासन-प्रशासन तंत्र नाकाम रहा है। हर साल गणतंत्र दिवस पर भाषण सुनने को मिलते हैं, उनमें देश की समस्याओं का जिक्र होता है और गौर करेंगे तो पता चलेगा कि ये समस्याएं जस की तस है। सालों से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर दिए जाने वाले भाषणों, निबंधों में इनका जिक्र होता रहा है पर समाधान अब तक नहीं हो सका है। हर आदमी लोकतंत्र का हिस्सा है और सबको अपनी भूमिका का निर्वहन अच्छे से करना होगा तभी भारतीय लोकतंत्र सच्चे अर्थों में सफल हो पाएगा, वरना स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर दिए जाने वाले भाषणों में इससे जुडे मुद्दे उठेंगे और उसके बाद फिर वर्ष भर लोकतंत्र में जनता पिसती रहेगी और रखवाले सोते रहेंगे। इसके बाद जय हिंद और जय भारत का नारा लगाते हुए अपने भाषणा को आप समाप्त कर सकते हैं।


आज हम सभी अपने राष्ट्र के 73 वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहे हैं। हम सभी के लिए एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक दूसरे को शुभकामनाएं देनी चाहिए और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए। हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते है, क्योंकि इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को देश का नेतृत्व करने के लिए अपने नेताओं का चुनाव करने के लिए अधिकृत किया जाता है। डॉ राजेंद्र प्रसाद हमारे भारत के पहले राष्ट्रपति थे। हमें 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी, इसलिए हमारे देश का बहुत विकास हुआ और शक्तिशाली देशों में गिना गया। कुछ विकासों के साथ, कुछ कमियां भी पैदा हुई हैं, जैसे कि असमानता, गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा, आदि। हमें अपने देश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के लिए समाज में ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए आज एक बार फिर संकल्प लेने की जरूरत है।

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2 साल 11 माह 18 दिन की समय अवधि में तैयार हुआ हमारे देश का संविधान दुनिया के अन्य देशों के समक्ष अद्भुत विशेष और मार्गदर्शक है। जो देश की जनता को उनके मौलिक अधिकारों से अवगत कर उन्हें इस देश में स्वतंत्र पूर्वक जीवन जीने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया से अपने अधिकारों का लाभ लेने में सहायता करता है। लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास रखने वाले देशों के लिए हमारे देश का संविधान एक आदर्श है, हमें अपने इस संविधान का सदैव सम्मान कर इसमें वर्णित अपने अधिकारों का सदुपयोग कर नियम एवं कानूनों का पालन कर इस संविधान की गरिमा बनाए रखने में योगदान देना चाहिए

जब भारत ने गणतंत्र मनाया
तब इस देश ने लोकतंत्र पाया
मतदान हुआ जन जन का अधिकार
यही बना हमारा हथियार
अब सत्ता भी हम लाते हैं
सरकार हम खुद बनाते हैं
इस देश की शान तिरंगा है
पावन यह यमुना - गंगा है
हाथ में लेकर तिरंगा प्यारा
जन गण मन हम जाएंगे
सत्य,अहिंसा, शांतिप्रिय, न्यारा
भारत हम भी बनाएंगे

जय हिंद, जय भारत।।

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