2018 में पहली बार PM मोदी ने की थी 'परीक्षा पे चर्चा', बताया था डी-फोकस कैसे दिलाता है तनाव से मुक्ति

एजुकेशन
Updated Apr 07, 2021 | 06:00 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को टिप्स देने वाले हैं। इससे पहले उनके कुछ पुरान टिप्स भी जानें:

Pariksha Pe Charcha
पीएम नरेंद्र मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम को 7 बजे वीडियो कांफ्रेंस के जरिए 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के माध्यम से दुनियाभर के छात्रों, शिक्षकों और माता-पिता से बातचीत करेंगे। इस बार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का आयोजन डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं। पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं।

mygovindia ने अपने ट्विटर हैंडल पर 2018 के 'परीक्षा पे चर्चा' का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें पीएम मोदी डी फोकस करने के फायदे बता रहे हैं। दरअसल उनसे एक छात्र ने सवाल किया था कि परीक्षा के समय दोस्तों के साथ खेलने का मन करता है, ऐसी स्थिति में क्या करूं?

इसी का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर आपको फोकस करना है तो पहली डी-फोकस करना सीख लीजिए। सबसे बड़ी समस्या है कि हम डी-फोकस करना नहीं जानते। डी-फोकस करना आपको फोकस के तनाव से मुक्ति दिलाता है। खेलने का शौक, गीत गाने का शौक है गाइए, सुनने का शौक है सुनिए, जो चीज आपको आनंद देती है वो करिए। जिस दोस्त से मिलने से खुशी मिलती है, उससे 10 मिनट मिल लीजिए। 

वो कहते हैं, 'डी-फोकस किए बिना आप फोकस नहीं कर सकते। स्वयं को खुला छोड़िए, जो अच्छा लगता है उसे करिए। फोकस तब होता है जब आप डी फोकस करना सीखते हैं। आपके बचपन की आदतें आपको डी फोकस करने में मददगार होती हैं।' 

2019 के कार्यक्रम में एक छात्र ने पीएम मोदी से पूछा कि आपको बिना थके हुए पूरे जोश के साथ लगातार काम करने की प्रेरणा कहां से मिलती है? प्रधानमंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा, 'आपने परिवार में देखा होगा कि आप थक जाते होंगे, लेकिन मां कभी नहीं थकती। सब काम करते हुए भी वो नहीं थकती। मां के मन में भाव होता है कि परिवार मेरा है, सदस्य मेरे हैं, मैं नहीं करूंगी तो कौन करेगा? इस भावना से ऊर्जा अपने आप आ जाती है। इसलिए सवा सौ करोड़ देशवासी भी मेरा परिवार है।' 

पीएम मोदी ने बताया कि कोई भी किस तरह कैसे टाइम मैनेजमेंट कर सकता है। 
 

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