MHA के आदेश का उल्‍लंघन! लुधियाना के स्‍कूल ने गुप्‍त रूप से आयोजित की क्‍लास, देखें वीडियो

लुधियाना में एक स्‍कूल गुप्‍त रूप से दोबारा खुला और प्राइमरी सेक्‍शन की क्‍लासेस आयोजित की। एमएचए लॉकडाउन मानदंड के उल्‍लंघन के रूप में स्‍कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो देखिए यहां।

ludhiana primary school
लुधियाना प्राइमरी स्‍कूल 

मुख्य बातें

  • लुधियाना में एक स्‍कूल ने प्राइमरी सेक्‍शन की क्‍लास का आयोजन किया
  • स्‍कूल ने माता-पिता के फीस भरने को सार्थक ठहराने के लिए क्‍लास आयोजित की
  • स्‍कूल प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दायर की गई है

गृह मंत्रालय द्वारा जारी देशव्‍यापी लॉकडाउन 5.0 के नियम के मुताबिक देशभर के स्‍कूल और कॉलेज 30 जून 2020 तक के लिए बंद रहेंगे। हालांकि, लुधियाना से खबर है कि वहां एक स्‍कूल गुप्‍त रूप से दोबारा खुला, जिसमें प्राइमरी सेक्‍शन के स्‍टूडेंट्स की क्‍लासेस ली गईं। पता हो कि स्‍कूल बिना राज्‍य सरकार की स्‍वीकृति के दोबारा खुल नहीं सकते। पूरी अपडेट जानने के लिए इस वीडियो को देखें।

इस वीडियो में दिख रहा है कि लुधियाना के इस प्राइमरी स्‍कूल में गुप्‍त रूप से क्‍लासेस ली जा रही हैं। स्‍कूल के दरवाजें गुप्‍त रूप से बंद किए जा रहे हैं। कुछ माता-पिता ने स्‍कूल के दरवाजे की आवाज सुनी और जानने की कोशिश की तो पता चला कि अंदर क्‍लास चल रही है। इसके बाद उन्‍होंने स्‍थानीय पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई। इस रिपोर्ट के मुताबिक स्‍थानीय अधिकारी इस मामले पर एक्‍शन लेंगे। स्‍कूल प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दायर की गई है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्‍योंकि जिन स्‍टूडेंट्स को स्‍कूल में बुलाया गया, उनकी उम्र बहुत कम है और ये प्राइमरी सेक्‍शन के बच्‍चे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्‍कूल में सोशल डिस्‍टेंसिंग का जरा भी पालन नहीं किया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि स्‍कूल माता-पिता द्वारा चुकाई फीस को सार्थक दिखाने के लिए क्‍लास आयोजित कर रहा था। क्‍लास के आयोजन से गृह मंत्रालय द्वारा जारी स्‍वास्‍थ्‍य दिशा-निर्देश का उल्‍लंघन हुआ है।

लॉकडाउन 5.0 के दूसरे चरण में ही स्‍कूल खुलने की अनुमति है। इसमें पहले राज्‍य सरकार की अनुमति जरूरी है। हां, स्‍कूल भी दोबारा खुलेंगे तो अलग-अलग चरण में। इस वीडियो के माध्यम से कोई भी आसानी से देख सकता है कि देश भर के स्कूलों और कॉलेजों को महामारी के प्रकोप के मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है और छात्रों के जीवन को जोखिम में डालने की नहीं।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर