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कबूतरबाजी के आरोप में मशहूर यूट्यूबर बॉबी कटारिया गिरफ्तार, गुरुग्राम पुलिस ने पकड़ा

YouTuber Bobby Kataria Arrested: मशहूर यूट्यूबर बॉबी कटारिया को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर कबूतरबाजी का आरोपी है। जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस क्राइम ब्रांच सेक्टर 10 ने बॉबी कटारिया को आज शाम गिरफ्त में लिया है।

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यूट्यूबर बॉबी कटारिया गिरफ्तार

Photo : Twitter

YouTuber Bobby Kataria Arrested: मशहूर यूट्यूबर बॉबी कटारिया को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर कबूतरबाजी का आरोपी है। गुरुग्राम पुलिस क्राइम ब्रांच सेक्टर 10 ने बॉबी कटारिया को आज शाम गिरफ्त में लिया है। जानकारी के मुताबिक, बॉबी कटारिया लोगों से पैसे लेकर उन्हें जॉब के नाम पर अवैध तरीके से विदेश भेजता था, इस मामले को लेकर पुलिस ने एक एफआईआर भी दर्ज की थी।

बॉबी के खिलाफ सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गोपालगंज निवासी अरुण कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस मंगलवार को बॉबी कटारिया को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस ने सेक्टर 109 स्थित बॉबी कटारिया के फ्लैट और ऑफिस में भी रेड की और वहां से कई संदिग्ध कागज और कैश बरादम किया गया।

युवक-युवतियों को फंसाकर करता था कबूतरबाजी

आरोप है कि यूट्यूबर बॉबी कटारिया युवक व युवतियों को इंस्टाग्राम के जरिए फंसाकर उन्हें विदेश भेजने के नाम पर पैसे ऐंठता था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फतेहपुर निवासी अरुण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि वह और उसका दोस्त मनीष तिवारी दोनों बेरोजगार थे। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए बॉबी कटारिया के संपर्क में आए, यहीं से उन्हें यूट्यूब चैनल में विदेश में नौकरी लगवाने की बात पता चली। दोनों ने बॉबी कटारिया से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें सेक्टर 109 कान्सेंट वन मॉल स्थित ऑफिस में बुलाया गया और उनसे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर दो-दो हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि बॉबी कटारियां ने उन्हें यूएई में नौकरी देने का सपना दिखाया।

लाखों रुपये की हुई ठगी

अरुण और मनीष का आरोप है कि बॉबी कटारिया ने उनके साथ लाखों रुपये की ठगी की है। उन्होंने बताया कि बॉबी के कहने पर उन्होंने उसके और एक अन्य के खाते में एक-एक लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से लाओस भेजा गया। यहां उन्हें एक व्यक्ति मिला, जिसने खुद को बॉबी कटारिया का दोस्त बताया। वह उन्हें एक बेनामी चीनी कंपनी में ले गया, जहां कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे। उन लोगों ने मनीष और अरुण के साथ मारपीट की और दोनों के पासपोर्ट छीन लिए और अमेरिकयों के साथ साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया। शिकायत में बताया गया है कि दोनों किसी तरह वहां से निकलकर भारतीय दूतावास पहुंचे और वहां से वापस भारत आए। इसके बाद बॉबी कटारिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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