क्राइम

निकम्मा इश्क! ऐसी मोहब्बत को क्या नाम दें? बेटी के ससुर से प्यार में समधन फरार; बच्चों के सामने ही...

उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक महिला अपनी बेटी के समधी (रोडवेज बस ड्राइवर) के साथ फरार हो गई। पति का कहना है कि उनकी पत्नी पहले भी तीन बार समधी के साथ भाग चुकी है। इसके बाद भी पत्नी को घर में रखा, लेकिन, उसमें कोई सुधार नहीं हुआ।

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(फाइल फोटो)

बदायूं : अपने दौर के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने कभी लिखा था, 'इश्क ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के '। बॉलीवुड ने भी इसे खूब भुनाया और 'निकम्मा किया इस दिल ने' पर युवाओं को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। कहने का मतलब है कि दौर बदलते रहे और मोहब्बत का मुकाम भी बदलता चला गया। कितना खूबसूरत अहसास होती है मोहब्बत, जिसे चाहो, उसे चुपके-चुपके याद करो और मुस्कुराते रहो। आज के दौर में मोहब्बत 'लाल इश्क' से आगे बढ़कर 'फरार इश्क' हो चुकी है। मतलब, मोहब्बत के नाम पर तमाम ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन्हें जानकर न सिर्फ आप सिर पीट लेंगे, हर गुजरते दिन के साथ ढहती सामाजिक मर्यादाओं पर शर्मिंदा हो जाएंगे।

पिछले दिनों अलीगढ़, मेरठ और बरेली से सामने आई घटनाएं हमारे सामने सवाल उठाती हैं कि क्या बड़े होने के नाते हमारा ऐसा फर्ज़ बनता है कि अपने आने वाले भविष्य को इस तरह से कलंकित करें। दरअसल, बदायूं के दातागंज से एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जिस पर मोहब्बत का स्टीकर चिपकाया जा रहा है। लेकिन, स्थिति उतनी सीधी नहीं है, जितनी बताई जा रही है। बदायूं में एक महिला अपनी बेटी के समधी के साथ फरार हो गई। हैरानी की बात यह है कि महिला के चार बच्चे हैं। एक लड़की की शादी 2022 में हुई थी। उसी बेटी के ससुर के साथ महिला को प्यार हो गया और उसने जीवन गुजारने का फैसला कर लिया।

महिला का पति ट्रक ड्राइवर

इस पूरी घटना पर महिला के पति सुनील कुमार का कहना है कि वह ट्रक ड्राइवर है। इस कारण घर पर कम ही रहता है। पत्नी को जब भी जरूरत होती थी, पैसे भेज दिया करता था। मेरे पीठ पीछे पत्नी समधी शैलेंद्र उर्फ विल्लू को बुलाती थी। आरोपी रोडवेज बस का सरकारी ड्राइवर है। इस बार भी पत्नी ने समधी को बुलाया और उसके साथ फरार हो गई। पति का कहना है कि उनकी पत्नी पहले भी तीन बार समधी के साथ भाग चुकी है। इसके बाद भी पत्नी को घर में रखा, लेकिन, उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। इसी बीच मुझे पत्नी के फिर से फरार होने की खबर मिली।

आरोपी रोडवेज बस ड्राइवर

आरोपी समधी का भी भरा-पूरा परिवार है। इसके बावजूद वह उनकी पत्नी के साथ फरार हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के पास पहुंचा तो कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई। यहां तक कि पत्नी घर में रखा सारा जेवर और रुपए भी लेकर भाग गई यहां तक की सिलेंडर भी नहीं छोड़ा। इस घटना को लेकर महिला के बेटे का कहना है कि पिताजी घर पर ज्यादा नहीं रहते थे। हर तीसरे दिन मम्मी समधी को मिलने के लिए बुलाती थी और घर में उसी के साथ रहती थी। हम लोगों को दूसरे कमरे में भेज दिया जाता था। इसी बीच मम्मी अपने समधी के साथ ऑटो में बैठकर फरार हो गई। इस पूरे मामले में पुलिस का जवाब रटा-रटाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सूचना मिली है। इस मामले में प्रार्थना पत्र मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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