Telangana Students Suicide: तेलंगाना राज्य बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट यहां के छात्रों को भारी पड़ रहा है। रिजल्ट आने के 30 घंटे के भीतर कम से कम सात छात्रों ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। इन सात छात्रों में से छह लड़कियां हैं। पहले और दूसरे साल का यह रिजल्ट बुधवार को आया। रिपोर्टों में पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि कथित आत्महत्या की ये घटनाएं पूरे राज्य भर में हुई हैं।
आत्महत्या का पहला मामला मंचेरियल जिले के तंदूर में सामने आया। यहां 16 साल के छात्र ने खुदकुशी की। पुलिस का कहना है कि यह छात्र पहले साल के चार विषयों में फेल हुआ। इस छात्र ने अपने घर में खुद को फांसी लगा ली। पुलिस का कहना है कि इसके बाद खुदकुशी करने वाली सभी छह लड़कियां हैं। इनकी उम्र 16 से 17 साल के बीच है। ये छात्राएं एक अथवा उससे ज्यादा विषयों में फेल हुई हैं।
कुएं, तालाब में कूदकर आत्महत्या
इनमें से कुछ छात्राओं ने फांसी लगाई तो कुछ कुएं और तालाब में कूद गईं। छात्रों की खुदकुशी की ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब जी मेन एग्जाम में राज्य के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सुसाइड करने वाली छात्राएं हैदराबाद के बाहरी इलाके राजेंद्रनगर, खम्मम, महबुबाबाद और कोल्लूर की रहने वाली थीं।
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8 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी परीक्षा
फरवरी-मार्च में आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा में 9.8 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। 61.06% छात्र (2.87 लाख) प्रथम वर्ष (कक्षा 11 के समकक्ष) में उत्तीर्ण हुए, 69.46% (3.22 लाख) दूसरे वर्ष (कक्षा 12 के समकक्ष) परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। फेल होने वाले छात्रों के लिए उन्नत पूरक परीक्षा 24 मई से शुरू होगी। पिछले साल की तुलना में नतीजे दो हफ्ते पहले जारी किए गए थे।
2019 में 22 छात्रों ने की खुदकुशी
बता दें कि साल 2019 में भी इंटरमीडिएट का रिजल्ट आने के बाद कम से कम 22 छात्रों ने खुदकुशी की। इस साल की परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के आरोप लगे। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 में देश भर में 12,522 स्टूडेंट्स ने खुदकुशी की।
