क्राइम

श्रद्धा के कितने टुकड़े, 35 या 20...अपने बिछाए जाल में पुलिस को उलझा रहा आफताब?

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 18, 2022, 12:49 AM IST

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को महरौली हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला का नार्को टेस्ट कराने की इजाजत दे दी है। साथ ही आफताब को पांच और दिनों के लिए पुलिस की कस्टडी में भेज दिया गया है। इस दौरान उसे उन जगहों पर लेकर पुलिस जा सकती है, जहां वो श्रद्धा के साथ गया था।

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पुलिस को गुमराह करने में जुटा है आरोपी आफताब

Photo : PTI

श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) का आरोपी आफताब ( Aftab Poonawalla) पुलिस को गुमराह करने में जुटा है। यह इतना शातिर है कि पकड़े जाने के बाद भी पुलिस को अपने बुने गए जाल में उलझा कर रखना चाह रहा है। पुलिस के सामने अपने ही बयान से कभी-कभी पलट जा रहा है। कभी पुलिस को बताता है कि उसने श्रद्धा की लाश के 35 टुकड़े किए तो कभी कहता है कि 20 टुकड़े किए।

शातिर दिमाग का शख्स

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कातिल आफताब बेहद तेज दिमाग का शख्स है। जो पुलिस को अपने बुने हुए जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। श्रद्धा को मारने के बाद आफताब सबसे पहले मुंबई गया था। वो मुंबई क्यों गया था? कहीं कत्ल का कोई वहां से संबंध तो नहीं है, इस एंगल को लेकर भी पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस की टीमें देश के उन राज्यों में भी सबूत तलाश रही है, जहां आफताब, श्रद्धा के साथ गया था।

आफताब को हिमाचल ले जाएगी पुलिस

पुलिस गुरुवार को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद आफताब को अब हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी ले जाने की तैयारी कर रही है, यहां आफताब और श्रद्धा हत्या से कुछ समय पहले गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया- "हम हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में उन होटलों के मालिकों और कर्मचारियों से बात करेंगे जहां ये रुके थे। उन्हें पूनावाला की पहचान भी कराएंगे। हम उसे जंगल में भी ले जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने शरीर के कटे हुए हिस्सों को कहां फेंका है?"

लैपटॉप से खुले राज

आफताब के लैपटॉप से पुलिस के कई सबूत हाथ लगे हैं। पुलिस ने उस कचरा वैन का भी पता लगाया है जिसमें पूनावाला ने अपने खून से सने कपड़े फेंके थे। पुलिस ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने जंगल में चार स्थानों से शव के टुकड़े बरामद किए हैं। उसने शरीर के अंगों को काटने के लिए आरी का इस्तेमाल किया था, जिसे उसने कथित तौर पर महरौली-गुड़गांव रोड के एक दुकान से खरीदा था। पुलिस आफताब उस दुकान पर भी ले जाएगी ताकि दुकानदार उसकी पहचान कर सके। दिल्ली पुलिस सूत्रों की माने तो आज भी उनको कुछ हड्डियां मिली हैं। हालांकि यह वहां नहीं मिली जहां आफताब ने बताई थी। इसकी जांच की जा रही है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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