क्राइम

कैसी सनक? बकरीद पर शख्स ने दी अपनी कुर्बानी! 'अल्लाह' का नाम लिया और रेत लिया गला

उत्तर प्रदेश के देवरिया में ईद-उल-अजहा पर एक मुस्लिम युवक ने अपनी कुर्बानी दे दी। उसने गला रेतने से पहले एक पत्र लिखकर छोड़ा, जिसमें उसने कहा है कि इंसान बकरे को अपने बेटे की तरह पाल पोस कर कुर्बानी करता है। मैं खुद अपनी कुर्बानी अल्लाह रसूल के नाम पर कर रहा हूं।

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(सांकेतिक फोटो)

देवरिया जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर गौरीबाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में एक मुसलमान ने शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्यौहार पर कथित तौर पर अपनी ही कुर्बानी दे दी। पुलिस के मुताबिक बकरीद पर एक मुस्लिम ने खुद की कुर्बानी दे दी। उसने चाकू से अपना गला रेत डाला, जिससे वह घर से बाहर बनी झोपड़ी में करीब एक घंटे तक तड़पता रहा। परिजनों ने जब उसकी कराह सुनी तो तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां से फिर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि ‘यूपी 112’ पर फोनकर्ता ने सूचना दी कि देवरिया जनपद के गौरीबाजार थानाक्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपना गला काट लिया है, जिसके बाद तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची एवं घायल ईश मोहम्मद अंसारी (60) को एम्बुलेन्स से मेडिकल कालेज देवरिया ले जाया गया।वर्मा ने कहा कि अंसारी की स्थिति गम्भीर देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया लेकिन दुर्भाग्यवश उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी

अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्यवाही करायी जा रही है। मौके की जांच एवं ‘फील्ड यूनिट’ द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्य से भी प्रथम दृष्टया स्वयं द्वारा गला काटने की बात की पुष्टि हुई है और इस सन्दर्भ में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार गला रेतने से पहले अंसारी ने एक पत्र लिखकर छोड़ा, जिसमें उसने कहा है, “इंसान बकरे को अपने बेटे की तरह पाल पोस कर कुर्बानी करता है। मैं खुद अपनी कुर्बानी अल्लाह रसूल के नाम पर कर रहा हूं।”

नमाज पढ़ी और फिर रेत लिया गला

परिजनों के मुताबिक वह शुक्रवार को अंबेडकर नगर में सुल्तान सैयद मकदूम अशरफ शाह की दरगाह से वापस लौटे थे। पत्नी हाजरा खातून के मुताबिक उसके पति ईश मोहम्मद ने सुबह मस्जिद में ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज पढ़ी और सुबह दस बजे घर लौटे तो सीधे घर के बगल में बनी झोपड़ी में चले गए। एक घंटे बाद उनकी कराहने की आवाज आई। दौड़कर पहुंची तो देखा कि उनके गले से खून बह रहा था। झोपड़ी में जमीन पर खून ही खून बिखरा हुआ था। पास में ही चाकू पडा़ था।

परिजनों के मुताबिक यह मंजर देख कर हाजरा की चीख निकल पडी। उन्होंने मदद के लिए लोगों को आवाज दी। पडोसी पंहुचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुचीं और एंबुलेंस से ईश मोहम्मद को लेकर देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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