अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में हंगामा खड़ा कर रखा है। लोग आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं। आइए जानते हैं इस हत्याकांड में अभी तक क्या-क्या हुआ?
-अंकिता भंडारी के 18 सितंबर को लापता होने की सूचना मिली थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह उस रात करीब आठ बजे पुलकित आर्य, रिसॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और एक अन्य आरोपी अंकित के साथ ऋषिकेश गई थी।
-वापस जाते समय तीनों चीला रोड के पास एक नहर के किनारे शराब पीने के लिए रुके और अंकिता उनका इंतजार करने लगी। कुछ देर बाद तीनों आरोपियों और लड़की के बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर तीनों ने कथित तौर पर लड़की को नहर में धकेल दिया।
- गुमशुदगी की शिकायत के आधार पर तीन दिन बाद 21 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो कि रिसॉर्ट का मालिक है, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और प्रबंधक सौरभ भास्कर के साथ गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 हत्या और सबूत छिपाने के तहत मामला दर्ज किया गया था।
-शुरू में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इन तीनों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
-अंकिता ने कथित तौर पर अपने एक करीबी दोस्त को बताया कि जिस रिसॉर्ट में वह काम करती थी, उसके मालिक और मैनेजर उस पर ग्राहकों को 'विशेष सेवाएं' देने का दबाव बना रहे थे। उसने व्हाट्सएप पर अपने दोस्त से कहा कि हालांकि वह गरीब है, लेकिन वह खुद को 10,000 रुपये में नहीं बेचेगी।
-भाजपा भी हरकत में आई और पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य और भाई अंकित आर्य को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया।
