क्राइम

Honor Killing : वो इश्क में पागल थी, लाज के बोझ से झुके जा रहे थे अपनों के सिर; नदी किनारे बालू में मिली...

बिहार के गोपालगंज में बेटी के इश्क से नाराज मां-बाप ने उसकी जान ले ली और शव को गंडक नदी के किनारे बालू में दफना दिया। फिलहाल, मृतका के मां-बाप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

गोपालगंज : जिले के जादोपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को पुलिस ने एक लड़की का शव गंडक नदी के किनारे से बरामद किया। शव बालू में दफनाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि मामला ऑनर किलिंग का है। पुलिस ने मृतका के मां और पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना जादोपुर थाना क्षेत्र के सिहोरवा गांव की है। मृतका की पहचान आंचल कुमारी के रूप में हुई है, जो गांव के रहने वाले लाल बाबू यादव की पुत्री थी। प्रथम दृष्टया यह मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा प्रतीत होने की बात पुलिस बता रही है।

बालू में दफनाया शव

पुलिस का कहना है कि शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने बालू में दफनाया हुआ शव देख जादोपुर थाने की पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस पहुंची तो शव का आधा हिस्सा बालू में था, जबकि आधा हिस्सा बाहर था। पुलिस ने जांच-पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान होने के बाद घरवालों से पूछताछ की। इस बीच, जादोपुर थाना के स्थानीय चौकीदार के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सिहोरवा निवासी लालबाबू ने अन्य सहयोगी परिवार वालों के साथ मिलकर अपनी पुत्री की हत्या कर शव को ग्राम सिहोरवा स्थित गंडक नदी के किनारे दफना दिया है।

इसके बाद पुलिस ने जब घरवालों से पूछताछ की, तब पुलिस को शक हो गया कि मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है। पुलिस पूछताछ के लिए दोनों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। जादोपुर के थानाध्यक्ष मोहन कुमार निराला ने बताया कि मामले में जांच के बाद इसका खुलासा हुआ। मृतका के मां-बाप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने कहा कि पुलिस हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है। घटना में अन्य लोगों की सहभागिता पर भी जांच की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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