Udaipur Murder: दर्जी कन्हैया हत्याकांड के दोनों आरोपी कोर्ट में पेश,  चेहरे पर कोई पछतावा नहीं, 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 30, 2022, 10:20 PM IST

Udaipur Kanhaiya lal Teli murder case:राजस्थान में उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल की हत्या के दो आरोपियों को बृहस्पतिवार शाम को कड़ी सुरक्षा के बीच एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

Udaipur Murder: दर्जी कन्हैया हत्याकांड के दोनों आरोपी कोर्ट में पेश,  चेहरे पर कोई पछतावा नहीं, 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश

उदयपुर में कट्टरपंथी संगठन दावते-इस्लाम से जुड़े दो मुस्लिम युवकों द्वारा नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने वाले कन्हैयालाल तेली की निर्मम हत्या और हत्या के बाद उसका वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री मोदी तक को चुनौती दे देने के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा केस दर्ज करने के बाद गुरुवार शाम को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों आरोपितों को उदयपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। 

निर्मम हत्या के आरोपित मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को लेकर जैसे ही पुलिस कोर्ट परिसर में पहुंची, अधिवक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और तुरंत फांसी की मांग की। पुलिस दोनों के चेहरे पर काला कपड़ा डालकर पूरी सुरक्षा के साथ अदालत कक्ष में ले गई। 

दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश

एटीएस एएसपी अनंत कुमार ने दोनों आरोपितों को जिला एवं सेशन न्यायालय के न्यायाधिकारी भुवन गोयल के समक्ष पेश किया। लोक अभियोजक कपिल टोडावत ने बहस की। न्यायाधिकारी भुवन गोयल ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।  

गौरतलब है कि रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद ने मंगलवार को उदयपुर में कथित तौर पर दर्जी कन्हैयालाल को उसकी दुकान में चाकू से वार कर हत्या कर दी थी और बाद में ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करके उन्होंने कहा था कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं।

'उनके हाव-भाव से कहीं यह नहीं लग रहा था कि उन्हें अपने किये पर पछतावा हो'

लोक अभियोजक कपिल टोडावत ने कोर्ट के बाहर मीडिया को बताया कि कोर्ट में पेश करते समय दोनों आरोपितों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, उनके हाव-भाव से कहीं यह नहीं लग रहा था कि उन्हें अपने किये पर पछतावा हो।

इधर, लौटने के दौरान एक अधिवक्ता पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए। अधिवक्ताओं और वहां मौजूद लोगों ने जबर्दस्त नारेबाजी करते हुए पुलिस की गाड़ियों पर लातें भी लगाईं। वे आरोपितों को गोली मारने, फांसी चढ़ाने के नारे लगाते रहे। कोर्ट परिसर के बाहर कोर्ट सर्किल पर भी लोगों का भारी जमावड़ा था जिसको रोकने के लिए भी भारी पुलिस बल लगाया गया। पुलिस बड़ी मशक्कत से आरोपितों को बाहर ले गए।

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