Hathras Gangrape Incident: इस दुनिया में अब नहीं है हाथरस की पीड़िता, जीभ काटे जाने पर जिला प्रशासन की सफाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 29, 2020, 01:51 PM IST

हाथरस में दलित बिटिया के साथ गैंगरेप मामले में जिला प्रशासन का कहना है कि पीड़िता की जीभ काटने की खबर बेबुनियाद है। उस केस में सभी चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

Hathras Gangrape Incident: इस दुनिया में अब नहीं है हाथरस की पीड़िता, जीभ काटे जाने पर जिला प्रशासन की सफाई

लखनऊ। हाथरस की बिटिया अब इस दुनिया में नहीं है। करीब 15 दिन वो मौत से संघर्ष करती रही। लेकिन मौत उसकी जिंदगी पर भारी पड़ी। उसके लिए वो दिन काला साबित हुआ जब चार दबंगों ने हैवानियत का शिकार बनाया। दरिंदों ने न केवल शारीरिक शोषण किया बल्कि शारीरिक छति पहुंचाई। पहले यह खबर सामने आ रही थी कि चारों आरोपियों ने न केवल पीड़िता की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी बल्कि वो कुछ बोल न सके लिहाजा जीभ भी काट दी।लेकिन जीभ काटे जाने वाली खबर से हाथरस जिला प्रशासन ने इंकार किया है। 

हाथरस जिला प्रशासन की सफाई
हाथरस के डीएम का कहना है कि रेप और मर्डर केस में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एससी-एसटी ऐक्ट के तहत पीड़िता के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। लेकिन जीभ काटने वाली पूरी तरह बेबुनियाद है। 14 सितंबर को लड़की के गांव के ही चार लोगों ने उसके साथ हैवानियत की। पुलिस ने मामले में सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया जाता है कि दलित लड़की के साथ दरिंदगी करने वाले चारों आरोपी  ऊंची जाति से हैं। पीड़ित लड़की के घरवालों का आरोप है कि मामले में पुलिस ने पहले उनकी मदद नहीं की लेकिन इस घटना पर लोगों का जब गुस्सा बढ़ा तो वह कार्रवाई करने के लिए आगे आई।


महिला आयोग की दिलचस्प टिप्पणी
इन सबके बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से भी बयान आया है। एनसीडब्ल्यू की चेयरपर्सन रेखा शर्मा का कहना है कि जब इस घटना के बारे में जानकारी मिली तो उसी समय संज्ञान में लिया गया। लेकिन दुर्भाग्य की है पीड़िता अब इस दुनिया में नहीं है। हम लोग उसके परिवार की हरसंभव मदद करेंगे। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए हमें समाज के मनोविचार को बदलना होगा।

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