'ब्रेक की जरूरत होती है, परिवार की याद आती है', न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद जसप्रीत बुमराह ने ऐसा क्यों कहा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 1, 2021, 09:42 AM IST

Jasprit Bumrah on bio-bubble fatigue: न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बायो बबल थकान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

'ब्रेक की जरूरत होती है, परिवार की याद आती है', न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद जसप्रीत बुमराह ने ऐसा क्यों कहा
Photo Credit: AP

भारत को टी20 विश्व कप 2021 में लगातार दो मैचों में हार झेलनी पड़ी हैं। सुपर-12 राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ 10 विकेट से शिकस्त के बाद भारत ने रविवार को न्यूजीलैंड के विरुद्ध 8 विकेट से मुकाबला गंवा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 110/7 का स्कोर खड़ा कर पाई। जवाब में न्यूजीलैंड ने 2 विकेट नुकसान पर 14.3 ओवर में आसानी से जीत हासिल कर ली। भारत के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट चटाए। टीम इंडिया की हार के बाद बुमराह ने बायो बबल थकान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए, जिससे क्रिकेटरों को कोरोना महामारी के दौरान गुजरना पड़ रहा है।

'आपको अपने परिवार की याद आती है'

बता दें कि बायो बबल एक ऐसा माहौल है, जिसमें खिलाड़ियों और टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोगों को बाहरी दुनिया से दूर रखा जाता है ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। बुमराह ने वर्चुअल पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'आपको कभी-कभी एक ब्रेक की जरूरत होती है। आपको अपने परिवार की याद आती है। आप छह महीने से सफर में हैं। यह सब कभी-कभी आपके दिमाग में चलता रहता है लेकिन जब आप मैदान पर होते हैं तो आप इन सभी चीजों के बारे में नहीं सोचते। आप कई सारी चीजों को कंट्रोल नहीं करते हैं, जैसे शेड्यूलिंग है या कौन-सा टूर्नामेंट कब खेला जाना है। बायो बबल में रहना और इतने लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहना जाहिर तौर पर खिलाड़ियों के माइंड पर असर डालता है।'

'कभी-कभी बायो बबल थकान होती है'

इसके अलावा बुमराह ने खिलाड़ियों को कंफर्टेबल रखने के प्रयासों के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तारीफ की। तेज गेंदबाज ने कहा, 'लेकिन बीसीसीआई ने हमें कंफर्टेबल महसूस कराने की पूरी कोशिश की है। यह ऐसा समय है जिसमें हम अभी जी रहे हैं। यह कठिन समय है। एक महामारी जारी है। हम ढलने करने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी-कभी बायो बबल थकान, मानसिक थकान भी होती है और आप बार-बार वही काम कर रहे होते हैं। जो है सो है और आप इसे यहां बहुत नियंत्रित नहीं कर सकते।'

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!