'शावर में घंटों रोया था', जब नेपोटिज्‍म के आरोपों से परेशान हो गया था पाकिस्‍तान का क्रिकेटर

Imam Ul Haq on Nepotism allegations: इमाम उल हक ने नेपोटिज्‍म आरोपों और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग को लेकर अपने विचार रखे। उन्‍होंने बताया कि पाकिस्‍तान के लिए वनडे में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह इनसे घिरे रहे।

imam ul haq
इमाम उल हक 

मुख्य बातें

  • पाक बल्‍लेबाज इमाम उल हक ने नेपोटिज्‍म आरोपों पर अपनी राय व्‍यक्‍त की
  • इमाम उल हक ने बताया कि वह घंटो शावर में रोया करते थे
  • पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान इंजमाम उल हक के रिश्‍तेदार हैं इमाम उल हक

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान के बल्‍लेबाज इमाम उल हक ने नेपोटिज्‍म आरोपों और सोशल मीडिया पर सख्‍त ट्रोलिंग के बारे में अपनी चुप्‍पी तोड़ी है। पाकिस्‍तान के लिए वनडे में सबसे निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने वाले इमाम उल हक को नेपोटिज्‍म का आरोप जमकर झेलना पड़ा है। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने 2017 में डेब्‍यू किया और फिर 53.84 की औसत से वनडे क्रिकेट में रन बनाए। मगर इमाम की पहचान उनकी बल्‍लेबाजी से ज्‍यादा पाकिस्‍तान के महान बल्‍लेबाज इंजमाम उल हक के रिश्‍तेदार होने की वजह से है। इमाम उल हक इंजमाम के भतीजे हैं।

दीप दासगुप्‍ता के साथ हाल ही में बातचीत के दौरान इमाम ने खुलासा किया था कि वह इन आरोपों से बिलकुल भी खुश नहीं थे और शुरुआती समय में वह अकेले ही खाना खाते थे। इमाम ने कहा, 'जब इन सबकी शुरुआत हुई, तो मैं अकेले की खाना खाता था। वो मेरा पहला दौरा था और आपको पता होगा कि पहले दौरे पर कैसा महसूस हुआ होगा। और जब भी मैं अपना फोन खोलता था, तो लोग मुझे सोशल मीडिया पर टैग करके अटपटे पोस्‍ट शेयर करते थे। मैं उस समय काफी निराश था और कुछ समय नहीं पा रहा था।'

पाकिस्‍तानी फैंस के कमेंट्स ने किया हैरान

24 साल के इमाम ने याद किया कि पाकिस्‍तानी फैंस के भद्दे और आक्रामक कमेंट्स का सामना करके वह शावर में घंटों रोया करते थे। उन्‍होंने कहा, 'मैंने पाकिस्‍तान के लिए खेला भी नहीं था और उससे पहले ही शावर में घंटों रोता था। इमाम को तीसरे वनडे में खेलने का मौका मिला था। युवा खिलाड़‍ियों के लिए बहुत आसान है कि वह आत्‍म-संदेह से घिर जाएं। मेरे दिमाग में तब यही बात चल रही थी कि अभी तो खेलने का मौका ही नहीं मिला। क्‍या होगा जब मौका मिलेगा और मैं प्रदर्शन नहीं कर पाउंगा? फिर तो मेरा करियर समाप्‍त हो जाएगा। मैं अपने कमरे से बाहर ही नहीं निकलता था। इस बात का डर था कि लोग मुझे नुकसान नहीं पहुंचा दें क्‍योंकि दुबई में काफी पाकिस्‍तानी रहते हैं।'

बहरहाल, इमाम उल हक का वनडे करियर शानदार रहा और वो दूसरे सबसे तेज 1,000 रन पूरे करने वाले बल्‍लेबाज बने। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने शुरुआती 10 मैचों में 4 शतक जमा दिए थे। हालांकि, नेपोटिज्‍म के आरोप से अब तक इमाम उल हक बरी नहीं हुए हैं और आए दिन फैंस के निशाने पर रहते हैं।

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