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बहराइच में भेड़िए का आतंक, बच्ची पर किया अटैक; घेराबंदी कर आदमखोर की तलाश जारी

गश्ती टीम इलाके की घेराबंदी कर भेड़िए की तलाश कर रही हैं। ग्रामीणों से रात्रि में स्वयं एवं बच्चों को घरों के अन्दर रहने एवं सुलाने तथा दरवाजे बंद रखने की सलाह दी जा रही है।

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भेड़िया (फोटो-Istock)

बबहराइच : जिले में कैसरगंज तहसील के एक गांव में शुक्रवार शाम भेड़िए ने हमला कर सात वर्षीय बच्ची को घायल कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले गुरुवार देर रात मझारा तौकली ग्राम पंचायत की भिरगूपुरवा बस्ती में अज्ञात जानवर के हमले से 60 वर्षीय एक महिला घायल हो गयी थी। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राम सिंह यादव ने संवाददाताओं को बताया कि कैसरगंज तहसील के ग्राम गोड़हिया नंबर तीन में आज शाम करीब 4.45 बजे गंगाराम की पुत्री नेहा (सात) घर के बाहर खेल रही थी और उसी दौरान भेड़िए ने हमला कर उसे घायल कर दिया।

उन्होंने बताया कि घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कैसरगंज ले जाया गया तथा गश्ती टीम इलाके की घेराबंदी कर भेड़िए की तलाश कर रही हैं। ग्रामीणों से रात्रि में स्वयं एवं बच्चों को घरों के अन्दर रहने एवं सुलाने तथा दरवाजे बंद रखने की सलाह दी जा रही है।

डीएफओ ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे कैसरगंज तहसील के ही मझारा तौकली ग्राम पंचायत की भिरगूपुरवा बस्ती में अज्ञात हिंसक वन्यजीव ने 60 वर्षीय एक महिला को हमला कर घायल कर दिया था। महिला को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

घायल महिला आफती देवी (60) ने संवाददाताओं से बताया ,"बृहस्पतिवार देर रात भोजन करके घर के आंगन में मच्छरदानी लगाकर बैठे थे, पानी लेने के लिए हाथ मच्छरदानी से बाहर निकाला तभी भेड़िए ने मेरा हाथ दबोच लिया। मैने शोर मचाया, तब घर वाले और आसपास के लोगों ने उसे भगाया और मेरी जान बच सकी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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