वाराणसी

Decorative Items From Waste In Varanasi: गंगा नदी से निकलने वाले कचरे से वाराणसी के युवा बना रहे सजावटी सामान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 22, 2023, 01:43 PM IST

Varanasi decorative items from waste: वाराणसी के नौजवानों ने एक बड़ी पहल की है। यहां के युवक-युवती गंगा नदी से निकलने वाले कूड़े से दैनिक इस्तेमाल में आने वाले सजावटी सामान बना रहे हैं। इन युवाओं के इस तरकीब की खूब सराहना हो रही है। कोरोना काल में वेस्ट चीजों से मास्क तक बनाए हैं। इसके अतिरिक्त कई अन्य चीजें बनाईं, जिसकी अच्छी मांग रही है।

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गंगा की सफाई में निकले कचरे से बनाई गई सजावट की सामग्री

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • 2019 में युवाओं ने शुरू किया था स्टार्टअप
  • कूड़ा बाजार टीम में 1500 वॉलेंटियर कर रहे काम
  • कचरे को साफ एवं पेंटिंग कर बनाते हैं सामग्रियां


Varanasi News: शहर में गंगा नदी की सफाई में निकले कचरे से युवा-युवती घर सजाने के सामान बना रहे हैं। इससे उसे कचरे से दूसरी जगह गंदगी भी नहीं फैल रही और एक अच्छे स्टार्टअप की शुरुआत हो गई है। इस स्टार्टअप का नाम कूड़ा बाजार है। इन युवाओं की टोली की योजना है कि कूड़ा बाजार की आय से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के हुनर को निखारा जाएगा, जिससे वह वे युवा अपने परिवार की आय बढ़ा सके।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) कला संकाय के गौरव मिश्रा, हरि द्विवेदी, बीएससी के छात्र ऋषिराज, विद्यापीठ में स्नातक के छात्र अभिषेक चौहान, वाराणसी में नौकरी कर रहे कोलकाता के आकाश चौधरी ने 2019 में इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी।

टीम में डेढ़ हजार वॉलेंटियर

इनकी टीम में डेढ़ हजार वॉलेंटियर हैं। वॉलेंटियर दो से तीन दिनों पर गंगा किनारे घाट, रेत पर से कचरे को इकट्ठा करते हैं। कचरे को साफ कर उस पर पेंटिंग कर साज-सज्जा के लिए तैयार करते हैं। छात्र गौरव मिश्रा का कहना है कि कचरे से बनी सामग्रियों की प्रदर्शनी से अच्छी आए हो रही है। अब इन पैसों से प्रशिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी। इनकी टीम गंगा किनारे मिले कोल्ड ड्रिंक केन, नारियल कवर, उसके रेसे, सीडी डिस्क, प्लास्टिक एवं कागज के गिलास, शराब की फेंकी गई बोतलों का प्रयोग कर सजावटी सामग्रियां बनाई गईं हैं।

कपड़ों के कतर से बनाया मास्क

कोरोना काल में इस टीम के सदस्यों ने मिर्जापुर में कपड़ा फैक्ट्री का दौरा किया। वहां कपड़े के कतरन को जला दिया था, जिसे देखकर टीम ने कतरन को इकट्ठा किया और उसे लेकर वाराणसी आए। यहां रोहनिया के कुछ गांवों में जाकर वहां की बच्चियों को सिलाई का प्रशिक्षण देकर मास्क बनाया गया। इस मास्क को गरीब लोगों में बांटा गया था। अब टीम की योजना है कि वॉलेंटियर की संख्या बढ़ाकर आसपास के जिलों में भी काम शुरू किया जाए। चंदौली एवं अन्य जिलों में टीम के सदस्य नदी के अलावा अन्य जगहों से कचरे को इकट्ठा करेंगे। फिर उनसे सजावटी सामान बनाएंगे। जिसे उक्त जिले के अलावा दूसरे जिलों में भी बेचा जाएगा। ताकि इस कॉन्सेप्ट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो। इसके साथ ही आय बढ़े। गौरव मिश्रा के मुताबिक लोगों को गंगा नदी में गंदगी फेंकने से वर्षों मना किया जा रहा है, लेकिन लोगों में अभी भी उतनी जागरुकता नहीं आई है। ऐसे में हमारी टीम अब यह काम करके नदी को स्वच्छ बनाने के लिए गरीब युवक-युवतियों की मदद कर रहा है।
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