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Punjab News: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल बर्बाद, पंजाब सरकार ने दिए नुकसान के आकलन के आदेश

पंजाब-हरियाणा में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल काफी हद तक बर्बाद हो गई है। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, सरकार ने नुकसान के आकलन के आदेश दिए हैं।

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बेमौसम बारिश से Punjab में फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग

Punjab News: पंजाब और हरियाणा में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल तेज हवाओं, बारिश और ओलों की मार से जमीन पर बिछ गई है, जिससे हजारों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने फसलों के नुकसान (Crop Damage) के आकलन के लिए स्पेशल गिरदावरी यानी नुकसान की जांच के आदेश दिए हैं। कृषि विभाग के 500 से अधिक कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। इस बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से अब तक पंजाब में करीब 1.25 लाख एकड़ जमीन पर फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है।

किसानों ने की मुआवजा देने की मांग

किसानों का कहना है कि यह नुकसान उनके लिए आर्थिक संकट बन गया है। पिछले साल बाढ़ की मार झेल चुके किसानों की हालत पहले ही खराब थी, और अब इस बेमौसम बारिश ने गेहूं और सब्जियों की फसल को भी बर्बाद कर दिया है। किसान सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं और प्रति एकड़ कम से कम 70 हजार रुपये की सहायता की अपेक्षा भी जता रहे हैं।

पिछले साल आई बाढ़ का मुआवजा अभी तक नहीं मिला

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द नुकसान का सही आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत दी जा सके। हालांकि, किसानों का कहना है कि पिछली बार बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिला, जिससे उनके बीच अविश्वास बना हुआ है।

इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में सरकार से तुरंत सहायता देने की मांग की है। वहीं भाजपा नेता रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि यदि फसल बीमा योजना सही तरीके से लागू की गई होती तो किसानों को समय पर मुआवजा मिल जाता। फिलहाल, मौसम की इस मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और सभी की नजरें सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।

Manoj Kumar
मनोज कुमार author

मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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