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साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में नए सवाल, मौत से पहले लगे थे 2 इंजेक्शन, SIT ने कंपाउंडर को घेरा

राजस्थान की प्रसिद्ध युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सुलझने के बजाय और गहराता जा रहा है। महज 25 साल की उम्र में साध्वी की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। SIT चीफ एसीपी छवि शर्मा ने इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जो इस मौत की गुत्थी को 'अप्राकृतिक' (Unnatural) दिशा में ले जा रहे हैं।

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साध्वी प्रेम बाईसा की फाइल फोटो

Photo : Times Now Digital

राजस्थान की चर्चित कथावाचक और युवा साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। महज 23 वर्ष की उम्र में हुई इस मौत ने न सिर्फ उनके अनुयायियों को झकझोर दिया है, बल्कि जांच एजेंसियों के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है और हर एंगल से पड़ताल की जा रही है।

इंजेक्शन लगाने का खुलासा, कंपाउंडर जांच के घेरे में

नवभारत से बातचीत में SIT प्रमुख और एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा को अंतिम समय में कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने दो इंजेक्शन लगाए गए थे। हालांकि, इन इंजेक्शनों की प्रकृति, दवाओं के नाम और मात्रा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। कंपाउंडर का दावा है कि उसने केवल “जनरल इंजेक्शन” लगाए थे, लेकिन मेडिकल जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि वास्तव में कौन-सी दवाएं दी गई थीं।

डिग्री और प्रिस्क्रिप्शन की हो रही जांच

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कंपाउंडर देवी सिंह की शैक्षणिक योग्यता क्या है और वह इंजेक्शन देने के लिए अधिकृत था या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इंजेक्शन किसी वरिष्ठ डॉक्टर की सलाह या लिखित प्रिस्क्रिप्शन पर लगाए गए थे। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़ा हर व्यक्ति फिलहाल संदेह के दायरे में है और सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं खुला राज

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को जांच एजेंसियां “अननैचुरल डेथ” मान रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है, जिसके चलते मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। अलग-अलग स्तर पर मेडिकल और फॉरेंसिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आने की संभावना है।

ब्लैकमेल एंगल और अंतिम संपर्कों की भी पड़ताल

जांच में यह पहलू भी शामिल किया गया है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा को पहले कभी ब्लैकमेल किया गया था और क्या उसका उनकी मौत से कोई संबंध बनता है। यदि ऐसा कोई लिंक सामने आता है तो उस दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, उनकी मौत से पहले जिन लोगों से उनका संपर्क रहा, उन सभी से पूछताछ की जा रही है। बुधवार, 28 जनवरी की शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद साध्वी प्रेम बाईसा को बचाया नहीं जा सका। अब पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।

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 Nishant Tiwari
Nishant Tiwari author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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