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खुद निकालिये जनरल टिकट, 76 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया; खिड़की पर लाइन को कहिए बाय-बाय

मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नागपुर, नासिक रोड, पुणे, दादर, हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, भागलपुर, जसीडीह, कानपुर, वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी, मथुरा और आगरा छावनी जैसे स्टेशनों में यात्री खुद जनरल टिकट निकाल सकेंगे।

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टिकट काउंटर (सांकेतिक फोटो-Istock)

दिल्ली : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जनरल टिकट वाले यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए देश भर के 76 स्टेशनों पर स्थायी यात्री सुविधा केंद्र (होल्डिंग एरिया) विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी। इन स्टेशनों में मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नागपुर, नासिक रोड, पुणे, दादर, हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, भागलपुर, जसीडीह, कानपुर, वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी, मथुरा और आगरा छावनी जैसे स्टेशन शामिल हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश भर में नियोजित नए सुविधा केंद्र मॉड्यूलर डिजाइन का पालन करेंगे और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी सुविधा केंद्र 2026 के त्योहारी सीज़न से पहले ही पूरे हो जाने चाहिए। खासकर, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा केंद्र की सफलता के बाद यह निर्णय लिया गया।

18 यात्रियों की मौत के बाद रेल मंत्रालय का फैसला

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत के बाद रेल मंत्रालय ने एक स्थायी सुविधा केंद्र के निर्माण का आदेश दिया था। अधिकारियों ने कहा कि नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन ने अपने नए विकसित सुविधा केंद्र (जिसे चार महीने के भीतर पूरा किया गया) की मदद से दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को प्रबंधित किया।

मंत्रालय ने कहा कि नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा केंद्र (स्थायी होल्डिंग एरिया) को किसी भी समय लगभग 7,000 यात्रियों को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे ट्रेन पर सवार होने से पहले आराम और यात्री प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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