पटना

हो गई बेइज्जती! चुनाव हैं करीब फिर भी राहुल के ट्रक पर पप्पू यादव को चढ़ने से रोका; अब आगे क्या?

बिहार में मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ महागठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने पप्पू यादव को ट्रक पर चढ़ने नहीं दिया। पप्पू यादव राहुल गांधी के साथ ट्रक पर चढ़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़कर नीचे खींच लिया है।

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बिहार बंद के दौरान पप्पू यादव (फोटो क्रेडिट ANI)

पटना में महागठबंधन की ओर से आयोजित बिहार बंद के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गाड़ी पर चढ़ने से रोका गया, जिसमें आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पहले से मौजूद थे। सुरक्षाकर्मियों ने पप्पू और कन्हैया को गाड़ी पर चढ़ने नहीं दिया, जबकि अन्य महागठबंधन के नेता राहुल के साथ रहे। यह घटना तब हुई जब महागठबंधन ने चुनाव आयोग के मतदाता विशेष पुनरीक्षण के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया था।

पटना में राहुल गांधी

राहुल गांधी पटना में इस बंद में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और एक ओपन ट्रक में तेजस्वी यादव के साथ सवार हुए। पप्पू यादव और कन्हैया कुमार ने जब चढ़ने की कोशिश की, तो उन्हें रोक दिया गया, जिससे धक्कामुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कन्हैया कुमार को ट्रक पर चढ़ने के बाद वापस नीचे उतार दिया गया।

तेजस्वी यादव के बीच अनबन

आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, कन्हैया को कांग्रेस द्वारा आगे लाया गया है। पप्पू यादव और तेजस्वी यादव के बीच अनबन भी देखी गई है, क्योंकि पप्पू ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन आरजेडी ने बीमा भारती को टिकट दिया। पप्पू यादव पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी थे, लेकिन बाद में उनके परिवार के साथ अनबन हो गई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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