पटना

नेवी में भर्ती होने गए नीतीश कुमार को इंटरव्यू में कहा गया 'पक्का नेता', आज 10वीं बार ली CM पद की शपथ

Nitish Kumar's 10 Oath as CM: नीतीश कुमार ने आज 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस चुनाव में जिस तरह से NDA को 202 सीटों का प्रचंड बहुमत मिला है, उसने नीतीश कुमार को बिहार का सबसे बड़ा नेता साबित कर दिया है। क्या आप जानते हैं कि कभी नेवी इंटरव्यू के दौरान उन्हें 'पक्का नेता' कहा गया था।

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आज 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

Nitish Kumar's 10 Oath as CM: JDU नेता नीतीश कुमार ने आज यानी गुरुवार 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के नाम सबसे लंबे समय तक बिहार का मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तो दर्ज हो ही चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था, जब उन्होंने राजनीति छोड़ने का मन बना लिया था। इस बारे में भी बात करें और साथ ही यह भी जानेंगे कि जब नीतीश कुमार कॉलेज में थे और वह नेवी की भर्ती के लिए गए तो उन्हें इंटरव्यू में किसने और क्यों 'पक्का नेता' कहा।

रसमंजरिया पार्टी के नेता

नीतीश कुमार को बख्तियारपुर से ही 10वीं के बाद साल 1967 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया। उन्होंने पटना के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग अब NIT में एडमिशन लिया। यहीं से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। नीतीश कुमार और उनके दोस्तों की टोली को कॉलेज में रसमंजरिया पार्टी कहा जाता था।

छात्र आंदोलन की प्लानिंग

जिस समय नीतीश कुमार कॉलेज में पढ़ते थे, उस समय बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों को आने-जाने में दिक्कतें होती थीं। क्योंकि उस रूट पर बसें नहीं चलती थीं। नीतीश कुमार ने सरकार पर दबाव बनाने की प्लानिंग की। कुछ छात्रों ने एक सरकारी बस को रोका और फिर पुलिस को चकमा देकर उसे कॉलेज में ले गए। कुछ छात्रों ने बस को जलाने की भी कोशिश की, लेकिन नीतीश ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। देखते ही देखते नीतीश कुमार छात्र आंदोलन का केंद्र बन गए।

मुख्यमंत्री ने मानी छात्र नीतीश की बात

छात्रों का आंदोलन बढ़ने पर उस समय के मुख्यमंत्री केदार पांडेय ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। नीतीश कुमार के नेतृत्व में कुछ छात्र उनसे मिलने गए और नीतीश ने इस तर से अपनी बात रखी कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की बात मान ली। इस तरह से नीतीश कुमार अब कॉलेज के नेता बन गए। इसी दौरान वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से भी जुड़ गए। 1972 में नीतीश कुमार बिहार ने अभियंत्रण महाविद्यालय स्टूडेंट्स यूनियन नाम से एक यूनियन भी बनाई, नीतीश इसके पहले निर्विरोध अध्यक्ष भी चुने गए।

नेवी में भर्ती के लिए गए नीतीश कुमार

नीतीश कुमार अभी अपने कॉलेज के तीसरे साल में थे। घर में आय कम होने लगी थी और पिताजी की सेहत भी ढलती जा रही थी। नीतीश कुमार ने पटना आकर पैसे कमाने का फैसला कर लिया। इसी दौरान कॉलेज में नेवी की भर्ती परीक्षा हो रही थी। नीतीश कुमार ने भी इसमें भाग लिया और परीक्षा में पास हो गए और उन्हें फाइनल इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट कर लिया गया।

जब नीतीश को कहा गया 'पक्का नेता'

परीक्षा में पास होने के बाद फिजिकल टेस्ट के लिए नीतीश कुमार को रुड़की बुलाया गया। इंटरव्यू भी हुआ। नेवी ऑफिसर ने नीतीश कुमार का इंटरव्यू लिया और जब इंटरव्यू खत्म होने के बाद नीतीश कुमार वहां से जाने लगे तो इंटरव्यू पैनल के चेयरमैन ने कहा, 'नौजवान, वैसे तो तुम सही दिखते हो, लेकिन हो पक्के नेता! फौज की नौकरी कैसे करोगे?'

बरखुरदार, तुम्हारी आत्मविश्वास से भरी चाल

ऑफिसर से यह बात सुनकर नीतीश कुमार चुप नहीं रह पाए। उन्होंने तुरंत पूछा, 'सर, आपने बिना बातचीत किए किस आधार पर मुझे नेता करार दिया?' इस प्रश्न के जवाब में चेयरमैन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'बरखुरदार, तुम्हारी नेतागिरी का राज तुम्हारी आत्मविश्वास से भरी चाल खोल रही है।' नीतीश कुमार नेवी में भर्ती तो नहीं हुए, लेकिन आज वह बिहार के सबसे बड़े नेता हैं और 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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