Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11 जुलाई, शुक्रवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले राज्य के 1 करोड़ 11 लाख लाभार्थियों को डीबीटी से सीधे राशि भेजेंगे। इसके तहत एक हजार 227 करोड़ रुपये, छह पेंशन योजनाओं से लाभांवित लोगों के खाते में भेजे जाएंगे। यह पहला मौका होगा, जब इन्हें बढ़ी हुई यानी करीब तीन गुनी पेंशन की राशि मिलेगी। इस कार्यक्रम को पूरे राज्य में उत्सव की तरह मनाने का सरकार ने निर्णय लिया है। इसकी तैयारियों का जायजा लेने और मुकम्मल व्यवस्था बनाने के लिए मुख्य सचिव, बिहार अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई।
60 लाख से अधिक लोग होंगे शामिल
इस कार्यक्रम का आयोजन सभी 38 जिलों के मुख्यालय, 534 प्रखंड मुख्यालय, 8053 ग्राम पंचायत और करीब 43 हजार 790 राजस्व ग्राम में करने की तैयारी है। इसमें 60 लाख से अधिक लाभार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इस मौके पर मुख्य सचिव ने सभी डीएम को निर्देश दिया कि सभी आयोजन स्थलों पर माननीय मुख्यमंत्री के संबोधन को सीधा सुनने और देखने की समुचित व्यवस्था हो। साथ ही लाभार्थियों के लिए यहां भोजन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए। सभी आयोजन स्थलों पर पांच मिनट की एक शॉर्ट फिल्म और एक मिनट का टीवी विज्ञापन भी प्रसारित कराया जाए।
पहले जून माह में आयोजित कैबिनेट बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई थी।
इन योजनाओं के लाभार्थी पाएंगे पैसा
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत छह तरह की पेंशन दी जाती है।
• मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना- 45 प्रतिशत (49 लाख 89 हजार 507 लाभार्थी)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना- 32 प्रतिशत (35 लाख 57 हजार 163 लाभार्थी)
• लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना- 8 प्रतिशत (8 लाख 64 हजार 903 लाभार्थी)
• बिहार विकलांगता पेंशन योजना- 8 प्रतिशत (9 लाख 65 हजार 202 लाभार्थी)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना- 6 प्रतिशत (6 लाख 32 हजार 594 लाभार्थी)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना - 1 प्रतिशत (1 लाख 10 हजार 580 लाभार्थी)
महादलित इलाकों में खास व्यवस्था
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत 5 जुलाई तक 22 जिलों के अनुसूचित जाति और जनजाति टोलों में 51 हजार 756 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। शेष एक हजार 101 शिविर 12 जुलाई को आयोजित होंगे, जिनमें गया में 273, औरंगाबाद में 259 और खगड़िया में 119 शिविर शामिल हैं। इन शिविरों में अब तक 39.74 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जो राशन कार्ड, उज्जवला योजना, औपचारिक शिक्षा, आंगनबाड़ी सहित 16 योजनाओं से संबंधित हैं। मीणा ने डीएम और संबंधित सचिवों को निर्देश दिया कि महादलित टोलों में आवेदनों के निपटारे में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य भर में तीन लाख निर्धन और बेघर लोगों को चिन्हित कर उनके लिए जमीन या आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सभी डीएम इस दिशा में कार्रवाई करें।
शराब तस्करी पर भी कार्रवाई तेज
मद्य निषेध विभाग ने समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी कि राज्य में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 4 जुलाई तक 11 हजार 532 वाहनों को जब्त किया गया है। मुख्य सचिव ने जिलों के डीएम को शराब तस्करी से जुड़े जब्त वाहनों और शराब नष्ट करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, शराब मामले में जब्त वाहनों की जानकारी राष्ट्रीय अखबारों और जिले की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाए, ताकि अन्य राज्यों के वाहन मालिक भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
डीएम को दिए गए निर्देश
मीणा ने कहा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण विद्यालय खोलने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और केन्द्रीय विद्यालय संयुक्त रूप से कोशिश कर रहा है। प्रस्तावित 16 नए केन्द्रीय विद्यालयों के लिए पांच एकड़ जमीन या सरकारी भवनों को चिह्नित करने के लिए जिलों के डीएम तेजी से काम करें। इसके अलावा पटना में और केन्द्रीय विद्यालय खोलने की संभावनाओं पर विचार करें। डीएम सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सीएस ने सभी डीएम और प्रखंड पदाधिकारियों को पंचम राष्ट्रीय सम्मेलन के फीडबैक फॉर्म भरने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त सुझावों का काम हो सके।
