रेल मंत्रालय ने बिहार के कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत और खुशखबरी दी है। मंत्राल ने 58 किमी लंबे कुर्सेला- बिहारीगंज नई रेल लाइन परियोजना को शुरू करने का निर्णय लिया है। बता दें कि इस परियोजना की घोषणा 17 साल पहले की गई थी, लेकिन कम ट्रैफिक प्रोजेक्शन के कारण इसे कभी शुरू किया ही नहीं जा सका था। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बुधवार 23 जुलाई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि कुर्सेला-बिहारीगंज (58 किमी) और जलालगढ़-किशनगंज (51.87 किमी) नई रेल लाइन परियोजनाएं वर्ष 2008-09 के बजट में शामिल की गई थीं, लेकिन इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण इन्हें शुरू नहीं किया गया। बाद में कई जनप्रतिनिधियों की मांग पर इन परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन की मंजूरी के साथ कुर्सेला-बिहारीगंज परियोजना एक जरूरी ऑपरेशनल जरूरत बन गई है।
वित्त वर्ष 2025-26 में इन परियोजनाओं के लिए 170.8 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही 26.23 किमी लंबी विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन, जो गंगा नदी पर पुल के साथ बनेगी, को अगस्त 2024 में मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 2,549 करोड़ रुपये है। यह परियोजना तेजनारायणपुर-साहिबगंज (35 किमी) क्षेत्र के पास है, जिसे पहले ट्रैफिक की कमी के कारण रोक दिया गया था। इसके लिए 64.05 करोड़ रुपये का बजट FY26 में रखा गया है।
इसके अलावा अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 92 किमी लंबी बिहारीगंज-वीरपुर (मुर्लीगंज, त्रिवेणीगंज, भीमनगर) नई रेल लाइन का फील्ड सर्वे पूरा कर लिया गया है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि बिहार में रेल संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कुल 1,351 किमी की लंबाई वाले आठ सर्वे किए जा चुके हैं। इनमें दीन दयाल उपाध्याय-किउल, छपरा-कटिहार, बिहटा-औरंगाबाद, रामपुरहाट-भगलपुर और बख्तियारपुर-तिलैया जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।
