पटना

बिहार के दरभंगा के इस मंदिर में भक्त नहीं कर सकते प्रवेश, अनोखा है अर्जी लगाने का तरीका

दरभंगा के मनोकामना मंदिर की कहानी काफी गजब है। यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि आज तक यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटा है।

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मनोकामना मंदिर, दरभंगा।

Photo : Times Now Digital

भारत में मंदिरों की कमी नहीं है। यहां एक से बढ़कर एक अनोखे मंदिर मौजूद हैं। कोई मंदिर अपने स्थान विशेष के लिए प्रसिद्ध होता है, तो कोई अपने महत्व के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि भगवान राम जब धरती लोक छोड़कर चले गए, तो उन्होंने पृथ्वी लोक पर धर्म की रक्षा के लिए बजरंगबली को कार्यभार सौंपा था।

दरभंगा में स्थित है मनोकामना मंदिर

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने अनोखे अंदाज और अजब-गजब परंपरा के लिए जाना जाता है। यह मंदिर बिहार के दरभंगा जिला में स्थित है। दरभंगा राज कैंपस में स्थित मनोकामना मंदिर अपने अनूठे नियम निष्ठा के लिए क्षेत्र में मशहूर तो है ही, साथ ही यह माना जाता है कि यहां कोई भी मनोकामना अधूरी नहीं रहती। यानी कि आप जो कुछ भी मांगते हैं, यहां स्थित बजरंगबली उसे पूरा करते हैं।

दीवार पर लिखी जाती हैं मुरादें

अमूमन देखा जाता है कि बजरंगबली को चढ़ाने के लिए लोग लाल सिंदूर या लाल ध्वज लाते हैं, लेकिन दरभंगा स्थित मनोकामना मंदिर में कुछ अलग परंपरा है। यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामना मंदिर की दीवार पर लिख देते हैं और उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है। कहा जाता है कि जब भी किसी को कुछ मांगना होता है तो लोग यहां आकर बजरंगबली को लड्डू का भोग लगाते हैं और पेंसिल या पेन से संगमरमर की दीवार पर अपनी मनोकामना लिख देते हैं।

Manokamna mandir wish

Manokamna mandir wish

मंदिर में भक्त नहीं कर सकते हैं प्रवेश

इस मंदिर की एक खास बात यह है कि इसके अंदर कोई भी भक्त प्रवेश नहीं कर सकते हैं। अब सोचिए कि यह कैसे हो सकता है कि मंदिर में कोई भक्त प्रवेश ही न करें। इसके पीछे का कारण यह है कि यह मंदिर काफी छोटा है। करीब सात फीट इसकी ऊंचाई है, जिस वजह से मंदिर के अंदर केवल पुजारी है बैठते हैं और भक्त बाहर से ही पूजा-पाठ करते हैं।

दरभंगा के राजा ने करवाया था निर्माण

कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह ने करवाया था। उन्होंने अपने किसी रिश्तेदार के लिए यह मंदिर बनवाया था, जिसका कद छोटा था और इसी वजह से इस मंदिर की ऊंचाई केवल सात फीट है। यहां आप जब भी आएंगे तो आपको दीवार पर लिखी गई मनोकामना दिख जाएंगी।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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