Bihar heatwave Attack : बिहार में नौतपा के बीच भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहने के बीच लू के कारण 57 लोगों की मौत होने की खबर है। औरंगाबाद स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, लू से केवल औरंगाबाद में 12 लोगों की मौत हुई है और 35 से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। गुरुवार की देर रात राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ( Bihar State Disaster Management) ने 8 मौतों की संख्या की पुष्टि करते हुए यह स्पष्ट किया कि मौत के कारणों का तत्काल पता नहीं लगाया जा सका है क्योंकि अधिकतर शोक संतप्त परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और अन्य मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। बिहार के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने के साथ गुरुवार को सबसे अधिक तापमान बक्सर में 47.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
औरंगाबाद में ऐसे हैं हालात
राज्य में नौतपा (Nautpa) के 6 वें दिन औरंगाबाद में लू के कहर से 12 लोगों की मौत हो गई है और 35 लोग सदर अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा पदाधिकारी अभिषेक कुमार में बताया कि हीटवेव का शिकार होकर दिनभर में लगभग 200 मरीज आए और उनका इलाज किया गया। हीटवेव के मरीज आने के बाद अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, सिविल सर्जन रविभूषण श्रीवास्तव, डीपीएम मो अनवर आलम, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह एवं अस्पताल प्रबंधक ने सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखा। जिलाधिकारी ने कई निर्देश दिए। वहीं, अस्पताल उपाधीक्षक ने बताया कि जिले में बढ़ते तापमान को लेकर भयावह स्थिति है। लेकिन, अस्पताल में हीटवेव के भार्ती मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है और हर परिस्थिति से सामना करने के लिए अस्पताल प्रबंधन कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 5 मरीज इलाज के दौरान जबकि 7 मरीज ब्राउट टू डेड आए। इस प्रकार कुल मृतकों की संख्या 12 हो गई है।
बिहार में हीटस्ट्रोक के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 लोग गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएनएमसीएच) में भर्ती हैं। एएनएमसीएच के अधीक्षक विनोद शंकर सिंह कहते हैं कि 48 बिस्तरों वाला एक अलग हीटवेव वार्ड स्थापित किया गया है। वर्तमान में, इस वार्ड में 35 लोग भर्ती हैं।
बिहार में 12 जिले लू की चपेट में हैं। 47.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर राज्य का सबसे गर्म शहर (Buxar Hottest City) रहा। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों में छह शिक्षक बेहोश हो गए। भीषण गर्मी की वजह से औरंगाबाद में दस, आरा में नौ, रोहतास व जहानाबाद में आठ-आठ, कैमूर में छह, गया-बक्सर में तीन-तीन, छपरा, शेखपुरा व मुंगेर में दो-दो और बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।
भोजपुर में हीट स्ट्रोक का कहर जारी। भोजपुर में अबतक पांच इलेक्शनकर्मी, दो पुलिसकर्मी समेत 9 लोगों की मौत हो चुकी है। आरा सदर अस्पताल में 10 इलेक्शनकर्मी समेत 70 से ज्यादा लोग भर्ती है, जिनमें से कईयों की स्थिति नाजुक है।
इन जिलों में इनती मौतों की पुष्टि
कैमूर में एएसआई सतीश कुमार रवि कहते हैं कि आज दिन में हमने अलग-अलग जगहों पर लू से हुई कुल चार लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अरवल, बक्सर, रोहतास और बेगुसराय जिलों में संदिग्ध लू से आठ लोगों की मौत की खबर है। मौत के कारणों के बारे में तत्काल पता नहीं लगाया जा सका है क्योंकि अधिकतर शोक संतप्त परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया । फिलहाल, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। राज्य में भीषण गर्मी के बीच बिहार सरकार ने बुधवार को सभी निजी और सरकारी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों को आठ जून तक बंद करने का आदेश दिया।
टेंपरेचर कर रहा पस्त (Bihar District Temperature)
हालांकि चिलचिलाती धूप के कारण शेखपुरा, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण समेत कई क्षेत्रों से सरकारी स्कूल के शिक्षकों के बेहोश होने की घटनाएं सामने आई हैं। सरकारी स्कूल विद्यार्थियों के लिए बंद हैं, शिक्षकों के लिए नहीं। मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार के कई हिस्सों में भीषण गर्मी जारी रहेगी। राज्य के जिन अन्य स्थानों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया उनमें औरंगाबाद (46.1 डिग्री सेल्सियस), डेहरी (46 डिग्री सेल्सियस), गया (45.2 डिग्री सेल्सियस), अरवल (44.8 डिग्री सेल्सियस) और भोजपुर (44.1 डिग्री सेल्सियस) शामिल हैं। बिहार की राजधानी पटना में आज अधिकतम तापमान और 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आपदा प्रबंध विभाग के अधिकारी ने कहा कि लोगों को सलाह दी जाती है कि वे लू और निर्जलीकरण से बचें।
झारखंड में भी लू से मौतें
उधर, झारखंड के पलामू जिले में भीषण गर्मी के लक्षणों से एक महिला समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिले के विभिन्न हिस्सों से चार लोगों की मौत की खबर है। पलामू के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार सिंह ने कहा, ‘‘तीन लोगों की एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं एक की अस्पताल के बाहर मृत्यु हो गई। ये रोगी भीषण गर्मी से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे थे।
राजस्थान में मौतें
राजस्थान में तापघात के कारण संदिग्ध मौतों की संख्या में वृद्धि की खबरों के बीच राजस्थान सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में लू से अब तक पांच लोगों की मौत हुई है। निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने कहा, ‘‘राज्य में लू के कारण अब तक पांच मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि लू की तीव्रता के बावजूद राजस्थान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है क्योंकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मार्च से ही लू को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं।
