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यूपी में 'काल' बनकर टूटा नौतपा, 51 लोगों की मौत; बच के रहें वरना...

Nautapa in UP: यूपी में प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़े लोगों की जान पर बन आए हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य के विभिन्न जिलों में 51 लोगों की मौत हुई है। आइये जानते हैं किन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी कहर बनकर टूट रही है?

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यूपी में नौतपा से मौतें

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Nautapa Active in UP: उत्तर प्रदेश गर्मी के सितम से बेहाल है। पिछले 6 दिनों से नौतपा के एक्टिव होने से गर्मी जानलेवा साबित हो रही है। यही कारण है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूरज की तपिश और लू की चपेट में आने से लगभग 51 लोगों की मौत की खबर है। केवल बुंदेलखंड में गर्मी और लू लगने से 31 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें महोबा में 8, हमीरपुर में 7, चित्रकूट में 6, फतेहपुर में 5 बांदा में 3 और जालौन में 2 व्यक्तियों को जान से हाथ धोना पड़ा है। जहां, बुधवार को प्रयागराज 48.8 डिग्री टेंपरेचर के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा तो कानपुर भी पीछे नहीं रहा। कानपुर में अधिकतम तापमान 48.4 डिग्री रहा, जो राज्य का दूसरा सबसे गर्म शहर घोषित हुआ।

यहां हुई इतने लोगों की मौत

हमीरपुर जिले में गर्मी कहर बरपा रही है। यहां नौतपा के पांचवे दिन अलग-अलग स्थानों पर लू और बुखार से सात लोगों की मौत हो गई। इनमें से राठ क्षेत्र में 4, सुमेरपुर में दो और गहरौली क्षेत्र में एक की मौत हुई। बुधवार को यहां अधिकतम तापमान 47.6 और न्यूनतम 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

उधर, हमीरपुर के पड़ोसी जिले महोबा में आठ लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। राठ के जरिया थाना क्षेत्र की पवई गांव निवासी सियारानी ने बताया कि उनके पिता रामदास (78) उनके घर में रहते थे। मंगलवार को पिता को लू लग गई। शाम चार बजे सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उरई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, कोतवाली क्षेत्र स्थित पहाड़ी गांव निवासी रामस्वरूप की 7 माह की बेटी अमृता को लू लगने से बुखार आ गया। उसे भी सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया। लेकिन, शाम को तेज बुखार के कारण उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार के लक्षण सभी मरीजों में पाए गए थे। किसी को उल्टी, दस्त की समस्या को कोई उल्टी दस्त और बुझार से जूझ रहा था।

नौतपा से यूपी पस्त

उधर, प्रतापगढ़ में भी बुधवार को 2 लोगों की लू लगने से मौत हुई है। आपको बता दें कि नौतपा से यूपी समेत उत्तर भारत के राज्यों की हालत बेहद खराब है। तापमान रोजाना नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। इस भीषण गर्मी में लोग डायरिया, बुखार समेत गश खाकर गिर रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के पार है। लेकिन, प्रयागराज गर्मी के मामले में टॉप पर है। यहां अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस के मीटर को छू गया है। दावा है कि पिछले तीन सालों में यह दूसरा मौका है, जब प्रयाग में टेंपरेचर 48.8 डिग्री को टच कर गया है। भीषण गर्मी के बीच कूलर एसी ने भी काम करना बंद कर दिया है। वहीं, कानपुर भी उमस और लू की जद में है, यहां रात्रि 12 बजे दिन जैसी गर्म हवाएं बह रही हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आने वाले दिनों में गर्मी से त्रस्त जनता को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 मई यानी आज गुरुवार को आसमान से राहत की बूंदें बरस सकती हैं। तो आइये जानते हैं अगले 2 जून तक कहां-कहां बारिश होगी और कहां गर्मी का कहर जारी रहेगा।

बुधवार का तापमान

  • प्रयागराज - 48.8 डिग्री सेल्सियस
  • कानपुर - 48.4 डिग्री सेल्सियस
  • आगरा - 48 डिग्री सेल्सियस
  • हमीरपुर - 47.6 डिग्री सेल्सियस
  • झांसी - 47.5 डिग्री सेल्सियस
  • उरई-47.4 डिग्री सेल्सियस
  • वाारणसी 47.4 डिग्री सेल्सियस
  • फतेहपुर -46.2 डिग्री सेल्सियस
  • सुलतानपुर - 46 डिग्री सेल्सियस
  • इटावा - 45.4 डिग्री सेल्सियस
  • बाराबंकी- 42 डिग्री सेल्सियस
  • हरदोई - 44 डिग्री सेल्सियस
  • गोरखपुर- 44 डिग्री सेल्सियस
  • बलिया - 43 डिग्री सेल्सियस
  • बहराइच - 45 डिग्री सेल्सियस
  • अयोध्या-43 डिग्री सेल्सियस
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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