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Operation Midnight: दिल्ली के मरीज को बचाने के लिए रातों-रात रोहतक पहुंचे AIIMS के डॉक्टर

Operation Midnight: रात के अंधेरे में डॉक्टरों की टीम रोहतक पहुंची, ब्रेन डेड मरीज से पैनक्रियाज निकाला और फिर ग्रीन कॉरिडोर के जरिए उसे दिल्ली लाकर सफल ट्रांसप्लांट किया गया।

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दिल्ली एम्स (फाइल फोटो)

दिल्ली के एक मरीज की जान बचाने के लिए एम्स नई दिल्ली के डॉक्टरों ने ऐसी मेडिकल मिशन को अंजाम दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। रात के अंधेरे में डॉक्टरों की टीम रोहतक पहुंची, ब्रेन डेड मरीज से पैनक्रियाज निकाला और फिर ग्रीन कॉरिडोर के जरिए उसे दिल्ली लाकर सफल ट्रांसप्लांट किया गया।

एम्स नई दिल्ली के सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. वीके बंसल ने बताया कि करीब 18 साल बाद एम्स में पैनक्रियाज ट्रांसप्लांट संभव हो पाया है।

दरअसल, पीजीआई रोहतक में एक मरीज ब्रेन डेड घोषित हुआ था। उसके पैनक्रियाज को ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित निकालना था। सबसे पहले एम्स की एक टीम रोहतक पहुंची और मरीज का ब्लड सैंपल लिया गया। मैच मिलने के बाद डॉ असुरी कृष्णा की अगुवाई में स्पेशल मेडिकल टीम देर रात रोहतक रवाना हुई।

सुबह 6:30 बजे निकाला गया पैनक्रियाज

डॉक्टरों की टीम ने पूरी रात ऑपरेशन किया। आखिरकार सुबह करीब 6:30 बजे ब्रेन डेड मरीज के शरीर से पैनक्रियाज सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बाद हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया ताकि अंग को बिना समय गंवाए दिल्ली लाया जा सके।

50 से ज्यादा डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा

एम्स पहुंचने के बाद तुरंत ट्रांसप्लांट की तैयारी शुरू हुई। डॉक्टरों के मुताबिक यह बेहद जटिल सर्जरी थी। इसमें एनेस्थीसिया, नेफ्रोलॉजी समेत कई विभागों की टीम पहले से तैयार थी।डॉ असुरी कृष्णा ने बताया कि ऑपरेशन में करीब ढाई घंटे लगे। एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. निखिल टंडन भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।

पहले किडनी, फिर लगाया गया पैनक्रियाज

डॉ वीके बंसल ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती पैनक्रियाज को शरीर में सही तरीके से फिट करना था। पहले मरीज के शरीर में किडनी ट्रांसप्लांट की गई, उसके बाद दूसरी तरफ पैनक्रियाज लगाया गया।इस पूरे ऑपरेशन में 50 से ज्यादा डॉक्टर शामिल रहे, जिनमें पीजीआई चंडीगढ़ के तीन विशेषज्ञ डॉक्टर भी थे। एम्स में इससे पहले पैनक्रियाज ट्रांसप्लांट 2004 और 2008 में हुआ था। 18 साल बाद यह तीसरा सफल पैनक्रियाज ट्रांसप्लांट माना जा रहा है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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