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सावधान! नहीं तो कट जाएगा चालान, ग्रेप-4 लगते ही पुलिस ने काट दिया 3 करोड़ का चालान

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ व्यापक स्तर पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी ट्रैफिक डॉक्टर प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि ग्रेप-4 के नियमों के तहत अब तक पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) प्रमाणपत्र न होने पर 784 वाहनों का चालान किया गया है।

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नोएडा पुलिस

नोएडा : वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप-4) लागू होते ही नोएडा पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। बीते तीन दिनों से नोएडा- दिल्ली बॉर्डर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बीएस-4 श्रेणी की गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है और उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।

इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ व्यापक स्तर पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी ट्रैफिक डॉक्टर प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि ग्रेप-4 के नियमों के तहत अब तक पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) प्रमाणपत्र न होने पर 784 वाहनों का चालान किया गया है।

किन वाहनों का हुआ चालान

वहीं, जिन वाहनों से स्पष्ट रूप से धुआं निकलता हुआ पाया गया, ऐसे विजिबल पॉल्यूशन वाले 61 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। ये अधिकतर निर्माण सामग्री और अन्य सामान ढोने वाले वाहन थे। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 216 मालवाहक वाहनों का भी चालान किया गया है। डीसीपी ट्रैफिक के अनुसार बीएस-4 श्रेणी में आने वाले 1050 वाहनों और बीएस-3 श्रेणी में आने वाली पेट्रोल से चलने वाली 880 गाड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

इसके साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे वाहन भी सामने आए, जो अनजाने में बॉर्डर तक पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। ऐसे लगभग 3,500 वाहनों को मौके पर ही रोककर वापस लौटाया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के दौरान कुल 2 करोड़ 99 लाख 30 हजार रुपये का चालान अब तक काटा जा चुका है।

डीसीपी ट्रैफिक प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि नोएडा से दिल्ली के तीनों प्रमुख बॉर्डर पर 24 घंटा 7 दिन पुलिस बल और ट्रैफिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके। इसके अलावा लगातार बढ़ते कोहरे और कम होती विजिबिलिटी को ध्यान में रखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा पर भी नियंत्रण लगाया गया है। यह स्पीड लिमिट गूगल मैप पर भी दर्शाई जा रही है, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके।

यमुना एक्सप्रेसवे पर यदि विजिबिलिटी 50 मीटर से कम हो जाती है, तो वाहनों को रोककर एक समूह में धीरे-धीरे आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ये सभी कदम जनता की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखकर उठाए जा रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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