नोएडा

अपराधियों की शामत आई : UP Police की हिट लिस्‍ट में Noida के ये सात बदमाश शामिल, जानिए इनका पूरा प्रोफाइल

Noida News : माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पिछले दिनों गोली से भूनकर हत्‍या कर दी गई थी। इसके बाद अब नोएडा से भी पुलिस ने कुछ हाईप्रोफाइल बदमाशों को सूचीबद्ध किया है। जिन्‍हें पकड़ने के लिए कमिश्‍नरेट को आदेश दिया चुका है।

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नोएडा पुलिस ने अपराधियों की संपत्ति की जांच शुरू की। (सांकेतिक चित्र)

Photo : BCCL

Noida News : उत्‍तर प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्‍योंक‍ि हाल ही में हुआ असद एनकाउंटर केस और अतीक-अशरफ हत्‍याकांड खासा सुर्खियों में रहा। माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की संपत्ति को जब्‍त करने के बाद अब यूपी पुलिस (UP Police) की नजर ऐसे ही कई और पेशेवर अपराधियों पर है जो स्‍थानीय क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बन चुके हैं। वहीं, नोएडा से भी पुलिस ने कुछ हाईप्रोफाइल बदमाशों को सूचीबद्ध किया है। जिन्‍हें पकड़ने के लिए कमिश्‍नरेट को आदेश दिया चुका है।

अतीक हत्‍याकांड के बाद अपराधियों में खौफ

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पिछले दिनों उस वक्‍त गोली से भूनकर हत्‍या कर दी गई थी जब उन्‍हें मेडिकल के लिए ले लाया जा रहा था। ये मर्डर काफी विचलित कर देने वाला था। भारी पुलिसबल के बीच तीन युवकों का मीडियाकर्मी बनकर आना और माफिया ब्रदर्स की सरेआम हत्‍या करना जिनके नाम से कभी लोग थर्राते थे, ये बेहद ही चौंका देने वाला था। हालांक‍ि इसके बाद अब प्रदेश के हर छोटे-बड़े अपराधी के मन में कानून का खौफ है। कई अपराधी खुद को सरेंडर कर चुके हैं और जो जेल में बंद हैं वे जरायम की दुनिया छोड़ने की बात कह रहे हैं।

योगी का आदेश ; जिले में हो कानून का राज

सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पुलिस के समक्ष समय-समय पर कानून व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त करने की बात करते रहे हैं। इसीलिए अब सरकार की ओर से कमिश्‍नरेट और एसटीएफ को कानून का राज स्‍थापित करने के स्‍पष्‍ट आदेश दे दिए गए हैं। इसी के तहत गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सात अपराधियों की लिस्‍ट तैयार की है। ताक‍ि जनपद में लॉ एंड ऑर्डर व्‍यवस्‍था को और सुदृढ़ किया जा सके।

बुलडोजर का एक्‍शन रहेगा जारी

सूत्रों के मुताबिक, क्राइम के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को बनाए रखने के लिए पेशेवर अपराधियों की संपत्ति को जब्‍त किया जाएगा। रंगदारी, कब्‍जेदारी, हत्‍या और कांट्रैट किलिंग जैसे कारोबारों में लिप्‍त अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाएगा। बता दें क‍ि असद एनकाउंटर और अतीक-अशरफ हत्‍याकांड के बाद से जिले में पुलिस व एसटीएफ बेहद सतर्क है और प्रत्‍येक माफिया गैंग के समूल नाश के लिए काम कर रही है।

पुलिस की हिट लिस्‍ट में ये सात नाम

पुलिस और एसटीएफ को निर्देश दे दिए गए हैं और अब टीमें बेहद सक्रिय हो चुकी हैं। इसीलिए पुलिस ने 11 जिलों के टॉप मोस्‍ट वांटेड अपराधियों के नाम की लिस्‍ट तैयार की है। गौतमबुद्धनगर से इस फेहरिस्‍त में सुंदर भाटी, सिंहराज भाटी, अनिल भाटी, रणदीप भाटी, अनिल दुजाना, अमित कसाना और मनोज उर्फ आसे का नाम शामिल है। सूत्रों का कहना है क‍ि पुलिस ने इन अपराधियों की उस संपत्ति की सूची भी बनाई है जो इन्‍होंने जरायम की दुनिया से कमाई है। पुलिस कमिश्‍नरेट प्रशासन के आला अधिकारी अब इन अपराधियों की संपत्ति की जांच करने में जुट गए हैं।

ये रही अपराधियों की प्रोफाइल

  • सुंदर भाटी : ग्रेटर नोएडा के घंगोला गांव का निवासी है। 1990 में ग्रेटर नोएडा के गांव रिठौड़ी के रहने वाले सुदंर भाटी ने परिवार के कई लोगों को मौत के घाट उतारने के साथ ही क्राइम की दुनिया में कदम रखा। हत्‍या, लूट, रंगदारी के तमाम अभियोग (केस) सुंदर भाटी पर दर्ज हैं। फिलहाल ये सोनभद्र जेल में बंद है।
  • रणदीप भाटी : नरेश भाटी गैंग के सदस्‍यों में से एक है। नरेश भाटी की मौत के बाद से ही गैंग को संभाल रहा है। ये इस समय तिहाड़ जेल में कैद है।
  • अनिल दुजाना : 18 मर्डर समेत रंगदारी,लूटपाट, जमीन पर कब्‍जा, आर्म्स एक्‍ट के अलावा कब्‍जे छुड़वाने के भी कई मामले अनिल पर दर्ज हैं। यह दुजाना का रहने वाला है और अमित कसाना और रणदीप भाटी की गैंग का प्रमुख सदस्‍य है। फिलहाल अयोध्‍या जेल में सजा काट रहा है।
  • अमित कसाना : लोनी के रिस्‍तल का निवासी है। यह दिल्‍ली के मंडोली जेल में सजा काट रहा है। रिठौड़ी गांव में मामा नरेश भाटी की हत्‍या का बदला लेने के लिए 1990 से गैंग को संभाले हुए है।
  • मनोज उर्फ आसे : ग्रेनो के इमलिया गांव का है। जेल से बाहर है। हालांक‍ि मनोज पर रंगदारी और लूट के कई मामले दर्ज हैं।
Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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