देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण मसूरी-देहरादून हाईवे (एनएच-707) पर व्यापक क्षति हुई है। 16-17 सितंबर 2025 को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बादल फटने से नदियां उफान पर आ गईं, जिसके चलते हाईवे के कई हिस्से धस गए, मलबा गिरा और सड़कें बाधित हो गईं। यह स्थिति पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रही है।
सहस्त्रधारा और मसूरी रूट पर तबाही, देहरादून से मसूरी जाने वाले हाईवे पर बने पुल धराशायी हो गए। मसूरी देहरादून हाईवे पर मौजूद एक कैफे जो एक चट्टान पर बना हुआ था वो पूरी तरह से टूटकर सड़क पर आ गिरा। सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल पर सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां सैलाब ने दुकानें बहा दीं और सड़कें नदी में समा गईं। लगभग 2000 पर्यटक मसूरी में फंस गए है। मसूरी-देहरादून सड़क पर कई जगहें बंद हैं, बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। इससे देहरादून-हरिद्वार-मसूरी और शिमला रूट प्रभावित हुए हैं।

मसूरी देहरादून हाईवे क्षतिग्रस्त
कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट
पुलिस ने कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है। भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और मलबा हटाने का कार्य जारी है। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों (जैसे देहरादून शहर के अंदरूनी रोड) का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। यह क्षति मुख्य रूप से 16 सितंबर को देहरादून में बादल फटने और लगातार बारिश से हुई। नदियों का विकराल रूप सड़कों को बहा ले गया। मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था।

मलबा गिरने सड़कें बुरी तरह टूट गई और आवाजाही बंद हो गई।
पूर्ण यातायात सुचारू होने में लग सकता है समय
आज वर्तमान में मार्ग आंशिक रूप से बहाल हो रहा है, लेकिन पूर्ण यातायात सुचारू होने में समय लग सकता है। जिला प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मरम्मत कर रही हैं। यात्रा करने वालों को सलाह यही है कि मसूरी जाने का प्लान हो तो स्थगित करें या फिर स्थानीय अपडेट चेक करें।
