गढ़चिरौली: पिछले एक सप्ताह से गढ़चिरोली जिले में हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के कई नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो चुका है। इस बची यहां सबसे चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है गढ़चिरोली जिले से, जहाँ नागरिक कंधों पर मोटरसाइकिल उठाकर, जान हथेली पर रखकर, उफनते नालों को पार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि गढ़चिरोली जिला नक्सल प्रभावित और अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, लेकिन आज़ादी के 75 साल बाद भी इस जिले में बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी है। राज्य सरकार ने ये ऐलान किया था कि गढ़चिरोली अब राज्य का आखिरी जिला नहीं, बल्कि पहले नंबर पर गिना जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
बारिश के इस दौर में स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। नाले पार करने के दौरान हर पल जान का ख़तरा बना रहता है। नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थायी पुलों का निर्माण हो, सड़कों की मरम्मत हो और बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े।
