मुंबई

Mumbai: अभिनेत्री उर्मिला कोठारे की कार से लगी टक्कर, एक मजदूर की मौत; दूसरा घायल

Marathi Actress Urmila Kothare's Car Hit labourer: महाराष्ट्र के मुंबई में एक एक्ट्रेस की कार से दो मजदूरों को टक्कर लग गई। मुंबई पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है कि मराठी अभिनेत्री उर्मिला कोठारे की कार की टक्कर से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है।

Image

मराठी अभिनेत्री उर्मिला कोठारे।

Mumbai Car Accident: मुंबई के कांदिवली इलाके में शनिवार तड़के मराठी अभिनेत्री उर्मिला कोठारे की कार से टक्कर लगने से एक मजदूर की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि इस दुर्घटना में अभिनेत्री और उनका चालक भी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब कोठारे अपनी शूटिंग खत्म करके घर लौट रही थीं।

अभिनेत्री उर्मिला कोठारे की कार की टक्कर में एक मजदूर की मौत

समता नगर पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा, ‘‘कोठारे की कार ने आधी रात के बाद कांदिवली पूर्व में पोइसर मेट्रो स्टेशन के नीचे मेट्रो रेल के काम में लगे दो मजदूरों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे में अभिनेत्री और उनका चालक भी घायल हो गए। लेकिन सही समय पर एयरबैग खुल जाने से उनकी जान बच गई।’’

उर्मिला कोठारे के ड्राइवर ने कार पर अचानक से खो दिया नियंत्रण

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक ने कार पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण वाहन ने सड़क किनारे काम कर रहे लोगों को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

अभिनेत्री उर्मिला कोठारे ने कुछ फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें मराठी में ‘‘दुनियादारी’’ और हिंदी में ‘‘थैंक गॉड’’ शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article